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सावधान! आगे घना कोहरा और एक्सीडेंट संभावित क्षेत्र है,1 KM पहले ही NHAI भेज देगा अलर्ट

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केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के हाईवे पर रोड एक्सीडेंट के मामलों में कमी लाने के प्रयास के तहत एनएचएआई बड़ा कदम उठाने वाला है। एनएचएआई अपने राष्ट्रीय राजमार्ग हाईवे का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए एक नया फीचर लेकर आ रहा है। इसके तहत एनएचएआई की टोल रोड और हाईवे पर सफर करते हुए अगर आपसे एक-दो किलोमीटर आगे घना कोहरा छाया हुआ है, अंधा मोड कहा जाने वाला तीव्र मोड़ है या फिर एक्सीडेंट होने वाला एरिया है। इन सभी का अलर्ट आपके मोबाइल फोन पर पहले ही आ जाएगा। ताकि आप अपनी कार, बस, ट्रक या जो भी वाहन चला रहे हैं। समय रहते हुए उसकी रफ्तार कंट्रोल करते हुए एक्सीडेंट से बच सकेंगे।

मंत्रालय अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल देश में इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत चार-पांच हाइवे से की जा रही है। जिनमें दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और उड़ीसा के कुछ हाईवे हो सकते हैं। एक महीने के अंदर पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए सोमवार को एनएचएआई ने रिलायंस जियो से हाथ मिलाया है। जिसका 4जी और 5जी नेटवर्क इस्तेमाल करने वाले मोबाइल फोन यूजर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले गाड़ी वालों पर एसएमएस और वाट्सऐप मैसेज आने शुरू होंगे। शुरुआत एसएमएस से की जा रही है। लेकिन आने वाले समय में वॉयस मैसेज भी आने शुरू होंगे। ताकि गाड़ी चलाने वाले को भी समय रहते वॉइस मैसेज से इसका एडवांस में ही पता लग सके और वह गाड़ी की रफ्तार कंट्रोल करते हुए एक्सीडेंट से खुद बच सके और लोगों को भी बचा सके।

एनएचएआई के एक अधिकारी ने यह भी बताया कि अभी जियो नेटवर्क यूजर पर इस तरह के एसएमएस आएंगे। बाद में एनएचएआई सड़कों का इस्तेमाल करने वाले एयरटेल और अन्य कंपनियों के सिम इस्तेमाल करने वाले मोबाइल फोन यूजर के पास भी इस तरह के एडवांस अलर्ट आएंगे। जिसमें यूजर को पहले ही मेसेज के माध्यम से यह बताया जाएगा कि एक-दो किलोमीटर बाद तीव्र मोड़ है, कोहरे के वक्त कहां-कहां घना कोहरा है, किस जोन में सड़कों पर हाथी, गाय या अन्य जानवर आ जाते हैं समेत आगे ऐसी रोड जोन हैं। जहां अधिक एक्सीडेंट हुए हैं। एनएचएआई की आने वाले समय में यह भी योजना है कि जिन-जिन इलाकों में रोड एक्सीडेंट अधिक हुए हैं। इसके लिए हाईवे पर उस जोन के आने से पहले ही होर्डिंग लगाए जाएं। ताकि लोगों को इसके माध्यम से भी ऐसी जानकारी मिल सके। इस अलर्ट सिस्टम को एनएचएआई अपने डिजिटल प्लेटफार्म राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर-1033 से भी कनेक्ट करेगा।

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