नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस अधिकारियों की हत्या के मामले में मारे गये गैंगस्टर विकास दुबे की रिश्तेदार खुशी दुबे को जमानत दे दी। हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि जमानत की शर्तें ट्रायल कोर्ट तय करे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल के दौरान खुशी दुबे को कानपुर नहीं जाने देने की मांग भी ठुकरा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खुशी दुबे को सप्ताह में एक बार संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ को रिपोर्ट करनी होगी। साथ ही मामले में सहयोग करना होगा।
SC grants regular bail to gangster Vikas Dubey’s relative, declares her juvenile at time of Kanpur ambush
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— ANI Digital (@ani_digital) January 4, 2023
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस पी एस नरसिम्हा की बेंच ने जमानत देते हुए कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है कि घटना के समय आरोपी खुशी दुबे 17 साल की थी। केस की चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और ट्रायल शुरू हो चुका है। न्याय के हित में आरोपी को जमानत दी जानी चाहिए।
यूपी सरकार और पीड़ित पुलिसवालों के परिवारों ने जमानत का विरोध किया
हालांकि इस दौरान यूपी सरकार और पीड़ित पुलिसवालों के परिवारों ने जमानत का विरोध किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। यूपी सरकार ने कहा कि इन पर पुलिस पर फायरिंग के लिए उकसाने का गंभीर आरोप है। जेल रिपोर्ट के मुताबिक इसका व्यवहार ठीक नहीं था, दूसरे कैदियों के साथ झगड़े किए थे। खुशी दुबे उसी गैंग का हिस्सा है, अगर जमानत दी गई तो गैंग फिर से एक्टिव हो सकता है।
खुशी पर पुलिसकर्मियों को मारने के लिए उकसाने का आरोप
खुशी दुबे गैंगस्टर विकास दुबे के सहयोगी और रिश्तेदार अमर दुबे की विधवा पत्नी है।घटना के समय आरोपी खुशी दुबे 17 साल की थी। उसकी शादी को सिर्फ सात दिन हुए थे जब यह घटना हुई थी और पुलिस ने तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। खुशी दुबे पर गैंगस्टर विकास दुबे के सशस्त्र सह-आरोपी को पुलिसकर्मियों को मारने के लिए उकसाने का आरोप था।
2 जुलाई 2020 को गैंगस्टर विकास दुबे और उसके साथियों ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की
उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई 2020 को कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस की टीम पर विकास दुबे और उसके सहयोगियों ने हमला किया था। हमले में गैंगस्टर और उसके सहयोगियों ने आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 10 जुलाई को कथित तौर पर पुलिस की हिरासत से भागते समय पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया था।

