Bihar News:बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट को लेकर सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी संचालन और जमीनी हालात की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की।
सचिव Pankaj Kumar Pal की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में साफ कर दिया गया कि किसी भी हाल में लोगों को पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी।
हर जिले की रिपोर्ट पर गहन समीक्षा
बैठक में राज्यभर के विभिन्न जिलों से प्राप्त जांच रिपोर्ट, मोबाइल ऐप और MIS डेटा के आधार पर जलापूर्ति की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। पाइपलाइन की मरम्मत, चापाकलों की हालत, स्टैंड पोस्ट की गुणवत्ता और टैंकर से पानी सप्लाई जैसे मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई।
सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और मोतीपुर जैसे जिलों की रिपोर्ट की विशेष रूप से समीक्षा की गई और अधिकारियों से सीधे फीडबैक लिया गया।

लापरवाही पर सख्त चेतावनी, कार्रवाई तय
सचिव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जिन क्षेत्रों में तकनीकी या संचालन से जुड़ी कोई भी कमी पाई जाएगी, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिन इलाकों में लगातार पेयजल की समस्या सामने आ रही है, वहां के कार्यपालक अभियंताओं पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। यह भी स्पष्ट किया गया कि लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को डिबार तक किया जा सकता है।
हर स्तर पर तय होगी जिम्मेदारी
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पेयजल आपूर्ति को लेकर मुख्यालय से लेकर फील्ड स्तर तक हर अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रत्येक सर्किल स्तर पर नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति होगी, जो व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
इसके अलावा, प्रमंडलवार रोस्टर बनाकर हर दिन अलग-अलग डिविजनों की समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी भी समस्या को तुरंत पकड़ा और हल किया जा सके।
लोगों के फीडबैक पर भी रहेगा फोकस
सरकार ने यह भी तय किया है कि आम नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर जलापूर्ति सेवाओं में लगातार सुधार किया जाएगा। इसका मकसद है कि लोगों को न सिर्फ पानी मिले, बल्कि साफ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो।
सरकार का लक्ष्य—हर घर तक निर्बाध पानी
सचिव ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान हर क्षेत्र में निर्बाध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी नागरिक को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
बिहार में जल संकट पर बड़ा कंट्रोल प्लान
इस पूरी कवायद से साफ है कि बिहार सरकार जल संकट को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में इसका असर जमीन पर दिखने की उम्मीद है।

