Bihar News: बिहार की राजधानी पटना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की प्रारूप विकास योजना-2047 को लेकर शुक्रवार को विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावित योजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए अपने सुझाव दिए।
नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य टाउनशिप की दीर्घकालिक विकास योजना को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित विभागों की राय लेना था, ताकि परियोजना को व्यापक और संतुलित दृष्टिकोण के साथ विकसित किया जा सके।
बैठक के दौरान विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण के बीच कई ग्रामीण इलाके भी शहरों का स्वरूप ले रहे हैं। हालांकि, इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध आधारभूत सुविधाओं का विकास समान गति से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप जैसी परियोजनाएं भविष्य के सुनियोजित और आधुनिक शहरी विकास का उदाहरण बन सकती हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को केवल आवासीय कॉलोनी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। योजना इस प्रकार तैयार हो कि लोगों को आवास, रोजगार, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाएं एक ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकें। इससे भविष्य में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने प्रारूप विकास योजना-2047 की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नियोजन दृष्टिकोण, क्षेत्रीय विकास ढांचे, वर्तमान स्थिति के विश्लेषण, प्रस्तावित विजन, विकास के उद्देश्य, नियोजन सिद्धांत, स्थानिक विकास रणनीति तथा भूमि उपयोग योजना की जानकारी साझा की।
इसके अलावा सामाजिक आधारभूत संरचना, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD), आर्थिक विकास रणनीति, पर्यावरण संरक्षण, ब्लू-ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, जलवायु अनुकूल विकास, डिजिटल अवसंरचना, स्मार्ट शहरी प्रणाली, चरणबद्ध कार्यान्वयन, निवेश रणनीति और शहरी डिजाइन दिशानिर्देश जैसे अहम विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

