Bihar News: बिहार में गन्ना किसानों की सबसे बड़ी समस्या—जल-जमाव—को खत्म करने के लिए सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव Santosh Kumar Mall ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि गन्ना क्षेत्रों में पानी की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। इस बैठक में गन्ना उद्योग से जुड़े अधिकारी और चीनी मिलों के प्रबंधक भी शामिल हुए, जिससे यह साफ हो गया कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है।
नहरों से पानी की सप्लाई और निकासी पर डबल फोकस
समीक्षा बैठक में पाया गया कि जहां गन्ने की फसल ज्यादा है, वहां समय पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसके लिए नहरों के जरिए सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और जल निकासी दोनों पर एक साथ काम किया जा रहा है। प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नहरों पर चल रहे कार्यों की अद्यतन रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेतों तक पानी पहुंचाने में कोई बाधा न आए।
सूखने से बचेंगे गन्ने के पौधे
सरकार का साफ लक्ष्य है कि किसी भी हालत में गन्ने की फसल को नुकसान न हो। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हर हाल में खेतों तक समय पर पानी पहुंचाया जाए, जिससे फसल सूखने से बच सके और उत्पादन बेहतर हो।
भू-अर्जन और अमीन की कमी पर भी चर्चा
जल निकासी से जुड़ी कई योजनाएं भू-अर्जन के कारण अटकी हुई हैं। बैठक में इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में अमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
यह कदम जल-जमाव की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मनरेगा से मिल रहा बड़ा सपोर्ट
गन्ना क्षेत्रों में जल-जमाव खत्म करने के लिए मनरेगा के तहत अब तक 274 योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है।
सरकार अब बाकी योजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी में है, ताकि पूरे राज्य में इस समस्या का समाधान किया जा सके।
जिलों में तैनात होंगे इंजीनियर, काम में आएगी तेजी
प्रधान सचिव ने साफ निर्देश दिया है कि कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए संबंधित जिलों में अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की जाए। इससे जमीन पर काम की रफ्तार बढ़ेगी और गन्ना किसानों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों को राहत, उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
इस पहल से न सिर्फ गन्ना किसानों को जल-जमाव से राहत मिलेगी, बल्कि राज्य में गन्ना उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का यह कदम कृषि और उद्योग दोनों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि गन्ना बिहार की महत्वपूर्ण फसलों में से एक है।

