पटना: बिहार को देश के अगले औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में निवेश, उद्यमिता और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग के सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, बियाडा एवं आएडा, कुंदन कुमार ने हैदराबाद का महत्वपूर्ण दौरा किया।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थ का मुख्य उद्देश्य बिहार के MSME इकोसिस्टम को अधिक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल बनाना था।
नई MSME नीति और संस्थागत सुधार पर मंथन
बैठक में बिहार के MSME क्षेत्र के व्यापक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से MSME निदेशालय के पुनर्गठन, नई MSME नीति के निर्माण, उद्यमिता विकास, नवाचार को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजन के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान (Ni-MSME) के फैकल्टी सदस्य, प्रोग्राम डायरेक्टर एवं रेक्टर विवेक कुमार तथा MSME, तेलंगाना के SED निदेशक सूर्य प्रकाश के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और क्षमता निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
प्रवासी बिहारियों को जोड़ेगी सरकार
हैदराबाद दौरे के दौरान कुंदन कुमार ने बिहार फाउंडेशन, हैदराबाद चैप्टर के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इस बैठक में बिहार फाउंडेशन हैदराबाद चैप्टर के अध्यक्ष मनवेंद्र मिश्रा, सचिव उत्तम यादव तथा बिहार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिराम सिंह समेत कई प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में प्रवासी बिहारियों की राज्य के औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, निवेश को बढ़ावा देने, उद्योगों के लिए साझेदारी विकसित करने तथा बिहार में नए निवेश अवसरों को लेकर सार्थक चर्चा की गई।
निवेश और रोजगार सृजन पर सरकार का फोकस
उद्योग सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार सरकार उद्यमिता, निवेश संवर्धन और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य के MSME क्षेत्र को सशक्त बनाने और उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों तथा प्रवासी समुदाय के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए इस तरह के संवाद बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि MSME क्षेत्र को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना भी है।

