पटना: बिहार में किसानों तक सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कृषि, राजस्व एवं भूमि सुधार तथा सहकारिता विभाग अब आपसी समन्वय से किसान हित की योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर काम करेंगे। इसको लेकर मंगलवार को तीनों विभागों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई।
बैठक में Farmer Registry, Farmer ID, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत किसानों से जुड़ी कई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

53 लाख से ज्यादा किसानों की Far try तैयार
सरकार के अनुसार बिहार में अब तक 53 लाख से अधिक किसानों की Farmer Registry तैयार की जा चुकी है। इसका उद्देश्य किसानों की पहचान, जमीन और कृषि संबंधी जानकारी को एक डिजिटल सिस्टम से जोड़ना है।
Farmer ID बनने के बाद किसानों को बीज, खाद, कृषि यंत्र, फसल बीमा, आपदा सहायता और विभिन्न अनुदान योजनाओं का लाभ सही समय पर देने में आसानी होगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि तकनीक के माध्यम से सही किसान तक सही योजना और सही समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसान बिहार की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसानों की आय, उनकी उपज और उनके हितों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। तीनों विभागों के संयुक्त प्रयास से किसान-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

Mutation के साथ Farmer Registry जोड़ने की तैयारी
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को Farmer Registry से जुड़े काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिला और अंचल स्तर पर कृषि विभाग के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर किसानों की भूमि संबंधी जानकारी और Registry का काम जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया।
नई व्यवस्था के तहत जिस किसान के नाम जमीन का Mutation होगा, उसके साथ ही Farmer Registry तैयार करने की प्रक्रिया को भी प्रभावी बनाया जाएगा। वहीं, जिन किसानों की पहले से Farmer ID या Registry मौजूद है, Mutation के जरिए मिली नई जमीन की जानकारी को उनकी मौजूदा Registry में जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।
MSP पर फसल खरीद को बनाया जाएगा ज्यादा प्रभावी
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए MSP आधारित खरीद व्यवस्था को और प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।
Farmer Registry के जरिए किसान की पहचान और कृषि संबंधी जानकारी व्यवस्थित होने से भविष्य में खरीद और भुगतान प्रक्रिया को सही लाभार्थी से जोड़ने में मदद मिलेगी। PACS और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों की उपज के संग्रहण, खरीद और बाजार तक पहुंच को मजबूत करने के लिए भी संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
KCC और फसल बीमा का लाभ पहुंचाने में भी मिलेगी मदद
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) समेत अन्य किसान कल्याण योजनाओं को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि Farmer Registry के जरिए किसानों की पहचान और भूमि संबंधी रिकॉर्ड व्यवस्थित होने से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पात्र किसानों की पहचान, बीमा कवरेज और फसल क्षति के आकलन की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।
सरकार की इस पहल का व्यापक उद्देश्य किसानों को अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार होने वाली प्रक्रियाओं से राहत देना और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी व सुविधाजनक बनाना है।

