Bihar News: दूसरे राज्यों के डॉक्टर और नर्स अब बिना NOC बिहार में कर सकेंगे प्रैक्टिस, हेल्थ सेक्टर में बड़े सुधारों का ऐलान

0
5

पटना: बिहार सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने और Ease of Doing Business (EoDB) को मजबूत बनाने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। अब दूसरे राज्यों में पंजीकृत डॉक्टर, नर्स और अन्य संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर बिना स्थानीय पंजीकरण या अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) के भी बिहार में कार्य कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल निर्धारित प्रारूप में स्व-प्रमाणन (Self-Certification) करना होगा।

सरकार ने इसके साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने का भी फैसला लिया है। इसके लिए जल्द ही एक एकीकृत हेल्थ लाइसेंसिंग डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा।

डॉक्टरों और नर्सों के लिए आसान हुई पंजीकरण प्रक्रिया

राज्य सरकार ने बिहार चिकित्सा (संशोधन) अध्यादेश, 2026 और बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को 26 जून 2026 से लागू कर दिया है।

नई व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) या किसी अन्य राज्य की चिकित्सा परिषद में पंजीकृत डॉक्टर तथा भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) या किसी राज्य की नर्सिंग परिषद में पंजीकृत नर्स अब बिहार में अलग से स्थानीय रजिस्ट्रेशन कराने या पूर्व राज्य से NOC लेने की बाध्यता से मुक्त होंगे।

उन्हें केवल निर्धारित प्रारूप में स्व-प्रमाणन कर डिजिटल पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिसके बाद वे बिहार में विधिसम्मत रूप से अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को भी मिली बड़ी राहत

सरकार ने बिहार राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद (संशोधन) नियमावली, 2026 भी अधिसूचित कर दी है।

इस नई व्यवस्था का लाभ फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट समेत अन्य संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को भी मिलेगा। अब ये सभी पेशेवर भी स्व-प्रमाणन के आधार पर बिहार में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

बनेगा एकीकृत हेल्थ लाइसेंसिंग डिजिटल पोर्टल

स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक इंटीग्रेटेड हेल्थ लाइसेंसिंग डिजिटल पोर्टल विकसित करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से अस्पतालों, क्लीनिकों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े सभी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी होगी।

आवेदन, दस्तावेजों की जांच, स्वीकृति और लाइसेंस जारी करने जैसी सभी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इस पोर्टल को नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा विकसित किया जाएगा और यह निवेशकों व स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए Single Point of Contact के रूप में कार्य करेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इन सुधारों से बिहार में निजी और संस्थागत निवेश को नई गति मिलेगी। लाइसेंसिंग और पंजीकरण प्रक्रिया आसान होने से नए अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर और स्वास्थ्य संस्थान स्थापित करने में सुविधा होगी, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना और कुशल स्वास्थ्य मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, चिकित्सा सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उनके अनुसार यह निर्णय बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक, पारदर्शी और निवेश के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here