Bihar News: पटना से एक अहम प्रशासनिक खबर सामने आई है, जहां ग्रामीण कार्य विभाग ने अपने कामकाज को और ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अपर सचिव संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों की गहन जांच की गई और साफ निर्देश दिया गया कि अब किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रशाखा-04 के तहत चल रहे सभी प्रमुख कार्यों, लंबित फाइलों और प्राप्त पत्रों की स्थिति का विस्तार से आकलन किया गया। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि हर काम तय समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए।
“पारदर्शिता और जवाबदेही ही प्राथमिकता”
अपर सचिव ने दो टूक कहा कि विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्य निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर काम में गुणवत्ता और दक्षता सुनिश्चित की जाए और जनहित को सबसे ऊपर रखा जाए। यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
तकनीकी दक्षता पर जोर, अभियंताओं को चेतावनी
बैठक में तकनीकी दक्षता को विभागीय कार्यकुशलता की रीढ़ बताया गया। जिन कनीय अभियंताओं ने अभी तक कंप्यूटर सक्षमता परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें तुरंत स्मरण कराने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई कि वे व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अभियंताओं को परीक्षा पास करने के लिए प्रेरित करें, ताकि विभाग का काम डिजिटल और तेज हो सके।
रिटायर्ड कर्मियों को राहत, लंबित लाभ जल्द देने का आदेश
बैठक में कर्मियों के हितों को भी प्राथमिकता दी गई। अपर सचिव ने सख्त निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त कनीय अभियंताओं के लंबित सेवान्त लाभों का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। यह कदम उन रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जो लंबे समय से अपने बकाया का इंतजार कर रहे हैं।
HRMS पोर्टल पर तेजी से काम करने का निर्देश
जिन मामलों में प्रक्रियात्मक अड़चनें आ रही हैं, उन्हें दूर करने के लिए विभिन्न प्रशाखाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया। साथ ही HRMS पोर्टल पर सभी जरूरी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी फाइल में अनावश्यक देरी न हो।
बदलती कार्यशैली का संकेत, जनता को मिलेगा सीधा फायदा
यह बैठक सिर्फ एक समीक्षा नहीं, बल्कि विभाग की बदलती कार्यशैली का संकेत है। अगर इन निर्देशों का सख्ती से पालन होता है, तो ग्रामीण सड़कों के निर्माण और रखरखाव में तेजी आएगी और इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।

