Bihar News:बिहार में सड़क निर्माण परियोजनाओं की सुस्ती पर अब सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि हर हाल में समय सीमा के भीतर काम पूरा किया जाए।
15 मई से शुरू होगा पटना-आरा-सासाराम प्रोजेक्ट
बैठक में सबसे बड़ा फैसला पटना-आरा-सासाराम सड़क परियोजना को लेकर लिया गया। सचिव ने इसके पहले खंड (सुअरा से गड़हनी) का निर्माण कार्य 15 मई तक हर हाल में शुरू करने का निर्देश दिया।
दूसरे खंड (गड़हनी से सदीसोपुर) को लेकर भी साफ कहा गया कि अक्टूबर से इसका काम शुरू किया जाए, ताकि प्रोजेक्ट में और देरी न हो।
मोकामा-मुंगेर फोरलेन को मिली हरी झंडी
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मोकामा-मुंगेर ग्रीनफिल्ड फोरलेन सड़क परियोजना का कार्य आवंटित कर दिया गया है। इसके अलावा पटना रिंग रोड (कन्हौली-शेरपुर) का भी टेंडर पूरा हो चुका है। सचिव ने इन परियोजनाओं में भू-अर्जन की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर जल्द कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।
हजारों करोड़ की परियोजनाएं अटकी, अधिकारियों को फटकार
समीक्षा में सामने आया कि करीब 218 किलोमीटर लंबी 6 परियोजनाएं (8134 करोड़ रुपये लागत) भू-अर्जन और क्लीयरेंस की वजह से अटकी हुई हैं। वहीं 360 किलोमीटर की 12 परियोजनाएं (11222 करोड़ रुपये) अभी तक आवंटन का इंतजार कर रही हैं। इस पर सचिव ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

फॉरेस्ट क्लीयरेंस में देरी पर सख्ती
परियोजनाओं में देरी की बड़ी वजह फॉरेस्ट क्लीयरेंस को माना गया। इस पर सचिव ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण विभाग के साथ समन्वय बढ़ाकर इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए।
अन्य परियोजनाओं को भी मिली रफ्तार
बैठक में साहेबगंज-अरेराज-बेतिया सड़क, एनएच-333A के तहत झाझा-नरगंजो मार्ग, भागलपुर के ढाका मोड़ फोरलेन चौड़ीकरण और अररिया-परसरमा सड़क जैसी परियोजनाओं पर भी विशेष निर्देश दिए गए। साथ ही कटिहार और सुपौल में निर्माणाधीन ROB (रेलवे ओवरब्रिज) को अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट तय किया गया।
सरकार का साफ संदेश—समय पर काम पूरा करना ही प्राथमिकता
सचिव पंकज कुमार पाल ने स्पष्ट कहा कि राज्य में चल रही सभी सड़क परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही या देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

