Bihar News: बिहार में सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति को लेकर पथ निर्माण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने सोमवार को 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की और स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मेगा परियोजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार राज्य रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BSRDCL), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) तथा राष्ट्रीय उच्चपथ परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं ने भाग लिया, जबकि क्षेत्रीय अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप योजनाओं की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

गुणवत्ता पर रहेगा विभाग का विशेष फोकस
सचिव पंकज कुमार पाल ने सभी प्रमंडलों में व्यापक सर्वेक्षण कराने और निर्माणाधीन परियोजनाओं की भौतिक जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य सिर्फ परियोजनाओं को पूरा करना नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता के साथ कार्यों को संपन्न करना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि PMIS पोर्टल को नियमित रूप से अपडेट किया जाए ताकि सभी परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सके और किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।
55 शिकायतें लंबित, जल्द निपटारे का आदेश
बैठक में जन शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि ‘सहयोग पोर्टल’ पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निपटारा विभाग की प्राथमिकता है।
समीक्षा के दौरान 55 शिकायतें लंबित पाई गईं। इस पर सचिव ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। हालांकि अधिकांश प्रमंडलों के कार्यों पर उन्होंने संतोष भी व्यक्त किया।
प्रगति यात्रा से जुड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश
सचिव ने प्रगति यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मानसून से पहले बाढ़ और कटाव को लेकर अलर्ट
बैठक में आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिया कि सभी तैयारियां निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार पूरी की जाएं।
उन्होंने छोटे-बड़े पुलों और पुलियों की अनिवार्य सफाई, कटाव निरोधक सामग्रियों का समय पर भंडारण तथा संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मरम्मत कार्य करने के भी निर्देश दिए गए।
विभाग का स्पष्ट संदेश
पथ निर्माण विभाग ने साफ कर दिया है कि बिहार में सड़क और पुल परियोजनाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। समय पर काम पूरा करना, शिकायतों का निपटारा और मानसून से पहले आवश्यक तैयारियां विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

