Bihar News: बिहार में भूमि से जुड़े मामलों के निपटारे को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर अब विशेष श्रेणी के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि निर्धारित प्राथमिकता का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए।
SC-ST, सैनिक और विधवा के मामलों को मिलेगी प्राथमिकता
नई व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति, विधवा महिलाएं, सेना में कार्यरत या सेवानिवृत्त जवान, सुरक्षाकर्मी और केंद्र सरकार के कर्मचारी जैसे विशेष वर्गों के मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि इन वर्गों को किसी भी प्रकार की देरी का सामना नहीं करना पड़े और उनके मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए।
FIFO सिस्टम 30 जून 2026 तक स्थगित
राजस्व मामलों में लागू “First In First Out (FIFO)” व्यवस्था को 30 जून 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब पुराने-नए के बजाय विशेष श्रेणी के मामलों को पहले निपटाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे जरूरतमंद और संवेदनशील वर्गों को राहत मिलेगी और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो सकेगा।
दफ्तर के चक्कर से राहत, प्रतिनिधि के जरिए भी सुनवाई
सरकार ने आम लोगों को राहत देते हुए यह भी व्यवस्था की है कि विशेष श्रेणी के आवेदकों को हर बार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की बाध्यता नहीं होगी। वे अपने प्रतिनिधि या अधिवक्ता के माध्यम से भी सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। इससे खासकर बाहर कार्यरत या बुजुर्ग आवेदकों को बड़ी राहत मिलेगी।
“ईज ऑफ लिविंग” मिशन के तहत लिया गया फैसला
राज्य सरकार ने “ईज ऑफ लिविंग” को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा और जन संवाद कार्यक्रमों के दौरान लोगों ने भूमि विवादों के त्वरित समाधान की मांग की थी। इसी के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है, ताकि लोगों को जल्दी न्याय मिल सके और प्रशासन अधिक संवेदनशील बन सके।
निर्देशों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि इन निर्देशों की अनदेखी की गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य पारदर्शिता और जनहित है, इसलिए हर स्तर पर संवेदनशीलता के साथ कार्य करना जरूरी है।
जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर
सोमवारीय सभा और शुक्रवारीय दरबार में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। सरकार चाहती है कि इन शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान हो, ताकि लोगों को राहत मिल सके और प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो।

