Bihar News: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित प्रशासन को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने ‘बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही बिहार में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासनिक ढांचे को जिला और क्षेत्रीय स्तर तक मजबूत करने का रास्ता साफ हो गया है।
सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने इसे डिजिटल बिहार के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अब राज्य में आईटी सेवाओं का विस्तार और अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
डिजिटल बिहार के सपने को मिली नई उड़ान
मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में शासन-प्रशासन के लगभग सभी क्षेत्रों में डिजिटल तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जिला, प्रमंडल और प्रखंड स्तर तक आईटी सेवाओं की मजबूत व्यवस्था बनाना समय की जरूरत है।
नई नियमावली के जरिए राज्य में एक समर्पित सूचना प्रौद्योगिकी सेवा तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं का लाभ आम लोगों तक तेजी से पहुंच सकेगा।
हर जिले में बनेगा मजबूत IT नेटवर्क
सरकार के इस फैसले के बाद सूचना प्रावैधिकी विभाग के जिला एवं क्षेत्रीय कार्यालयों के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन कार्यालयों में जिला ई-गवर्नेंस पदाधिकारी सहित विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।
इससे विभिन्न विभागों में चल रही डिजिटल परियोजनाओं की निगरानी, समन्वय और क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
सरकारी सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता बढ़ेगी
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद आम नागरिकों को डिजिटल सेवाओं का लाभ और तेजी से मिल सकेगा। साथ ही तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे ई-गवर्नेंस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा दक्षता बढ़ेगी।
बढ़ती IT परियोजनाओं को मिलेगा मजबूत आधार
मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि राज्य में विभिन्न विभागों के माध्यम से बड़ी संख्या में आईटी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के सफल संचालन और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए तकनीकी विशेषज्ञता वाली प्रशासनिक संरचना की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
नई सेवा नियमावली इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, ताकि तकनीक आधारित विकास को और मजबूती मिल सके।
मुख्यमंत्री और कैबिनेट का जताया आभार
मंत्री ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला बिहार को डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार तकनीक आधारित प्रशासन और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
क्या होगा सबसे बड़ा फायदा?
- जिला स्तर पर IT विशेषज्ञों की तैनाती
- ई-गवर्नेंस परियोजनाओं की बेहतर निगरानी
- डिजिटल सेवाओं की आसान पहुंच
- सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी
- तकनीकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान
- प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि

