Bihar News: बिहार सरकार राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और उद्योग-अनुकूल माहौल को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। उद्योग विभाग ने निवेशकों, उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय को मजबूत करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकों की नई व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है।
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन और उद्योग जगत की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA), बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
हर 30 से 45 दिन पर होगी समन्वय बैठक
बैठक के दौरान उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने घोषणा की कि उद्योग विभाग और उद्योग संगठनों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने के लिए अब प्रत्येक 30 से 45 दिनों के अंतराल पर समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उद्योगों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान करना, नीतिगत सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करना और राज्य में निवेश को बढ़ावा देना है। नियमित संवाद से उद्योग जगत की समस्याओं को समय रहते समझने और उनका समाधान निकालने में मदद मिलेगी।
निवेशकों के लिए बेहतर माहौल बनाने पर जोर
बैठक में निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने और निवेश प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई।
उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न सुझाव और फीडबैक साझा किए। विभागीय अधिकारियों ने इन सुझावों पर सकारात्मक कार्रवाई करने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया।
उद्योग विभाग की प्राथमिकता: पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं
उद्योग विभाग के सचिव-सह-प्रबंध निदेशक, बियाडा एवं आयडा कुंदन कुमार ने कहा कि विभाग निवेशकों को पारदर्शी, समयबद्ध और आसान सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि उद्योग संगठनों के साथ नियमित सहभागिता और संवाद से न केवल नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को नई मजबूती मिलेगी।

रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और उद्योग संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से राज्य में निवेश का माहौल और मजबूत होगा। इससे नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
बैठक में हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय, बियाडा, आयडा और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया तथा विभिन्न योजनाओं और औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव रखे।
उद्योग-अनुकूल बिहार बनाने की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार का मानना है कि उद्योगों और निवेशकों के साथ नियमित संवाद से बिहार में एक मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बिहार देश के उभरते औद्योगिक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

