Bihar News: NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर बिहार सरकार सख्त, मुख्य सचिव की हाईलेवल बैठक में DM-SP को मिले अहम निर्देश

0
4

पटना: NEET पेपर लीक मामले को लेकर बिहार के विभिन्न जिलों, खासकर पटना में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया तथा हालात की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM), पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) और पुलिस अधीक्षक (SP) मौजूद रहे।

सरकार का फोकस: संवेदनशीलता के साथ कानून-व्यवस्था

बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को यह निर्देश देना था कि विरोध प्रदर्शनों से निपटने के दौरान छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और हर स्थिति को बातचीत के माध्यम से नियंत्रित करने का प्रयास किया जाए। सरकार ने स्पष्ट किया कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन इसके साथ ही छात्रों के हितों और भविष्य का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

छात्रों से संवाद बढ़ाने के निर्देश

पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे छात्र संगठनों और छात्र नेताओं से सीधे संपर्क करें। उन्होंने कहा कि पुलिस को टकराव की बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

इसके अलावा अधिकारियों को अंबेडकर हॉस्टलों और विभिन्न छात्र मंचों पर जाकर छात्रों से बातचीत करने तथा उनकी समस्याओं और भ्रम को दूर करने के लिए सक्रिय पहल करने को कहा गया।

संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी

बैठक में रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अधिक भीड़ वाले स्थानों को संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। पुलिस को कहा गया कि सभी उपलब्ध तकनीकी संसाधनों, सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

117 संदिग्धों पर पुलिस की नजर

पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से शांति भंग करने की आशंका वाले 117 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है। उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही अधिकारियों को अफवाह फैलाने वाले और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

कोचिंग संस्थानों से भी मांगी जाएगी जानकारी

बैठक में यह भी तय किया गया कि जरूरत पड़ने पर कोचिंग संस्थानों से छात्रों की ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति का रिकॉर्ड लिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गलत सूचना या भ्रम की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

बल प्रयोग को अंतिम विकल्प रखने का निर्देश

सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में बल प्रयोग अंतिम विकल्प होगा। प्रशासन को पहले बातचीत, समझाइश और शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति नियंत्रित करने की रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव का स्पष्ट संदेश

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और अपने-अपने जिलों में हालात पर लगातार नजर रखें। उन्होंने कहा कि निर्दोष छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और अफवाहों का तुरंत आधिकारिक तथ्यों के आधार पर खंडन किया जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरी स्थिति की 24 घंटे निगरानी कर रही है और कानून अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here