Bihar Flood 2026: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कई प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डुमरिया घाट पहुंचकर गंडक नदी के बढ़े हुए जलस्तर की स्थिति भी देखी और अधिकारियों से ताजा जानकारी ली।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि डुमरिया घाट के पास गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर पहुंच गया है। साथ ही रात के दौरान जलस्तर में लगभग 50 सेंटीमीटर और बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जाए और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक भोजन, जरूरी सामान और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाई जाएं।

उन्होंने जल संसाधन विभाग को तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रात के समय तटबंधों की निगरानी के लिए नाइट पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ बेहतर तालमेल बनाकर जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई के जरिए लोगों को भोजन और जरूरी सहायता लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन को प्रभावित लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करना होगा। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने की बात कही।

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद राधामोहन सिंह, विधायक कृष्णनंदन पासवान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह समेत पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

