Khet Bachao Abhiyan: बिहार में खेत बचाने की बड़ी मुहिम! 16 लाख किसानों तक पहुंचेगी सरकार, 629 स्कूलों में बनेंगी मिट्टी जांच लैब

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Khet Bachao Abhiyan: बिहार में खेतों की उर्वरता और मिट्टी की सेहत बचाने के लिए ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान को व्यापक जन-आंदोलन बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पटना के ज्ञान भवन में ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।

कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन भी मौजूद रहे। कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

16 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य

कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में इस अभियान की शुरुआत मुजफ्फरपुर से की गई थी। अब इसे राज्य के गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी है। अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। रबी मौसम 2026-27 में इसे बिहार के सभी 534 प्रखंडों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इसके जरिए 15 से 16 लाख किसानों तक पहुंचने की योजना है।

मंत्री के मुताबिक, खरीफ मौसम में राज्यभर में 7,275 किसान बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें 6,19,436 किसानों ने हिस्सा लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान शामिल थीं।

38 जिलों के 629 स्कूलों में बनेंगी मिट्टी जांच लैब

मिट्टी की गुणवत्ता और उसके संरक्षण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं के जरिए विद्यार्थी मिट्टी की सेहत को वैज्ञानिक तरीके से समझ सकेंगे। विभाग के अनुसार, 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में ऐसी लैब पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं।

खाद की कालाबाजारी और घटिया बीज पर सख्ती

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बीज की आपूर्ति या वितरण में गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने खाद की उचित कीमत और निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित दर से अधिक वसूली और वितरण में अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

मंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाना और मिट्टी के प्राकृतिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है। इससे खेती की लागत कम करने, उपज की गुणवत्ता सुधारने और किसानों को अधिक समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी।

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