Bihar News: SASCI योजना पर हाई अलर्ट, मुख्य सचिव बोले—हर हाल में खर्च करो फंड, नहीं तो होगी कार्रवाई!

0
18

Bihar News: बिहार में विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘राज्य पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना’ (SASCI) 2026-27 की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागवार प्रगति और केंद्र सरकार की शर्तों के अनुपालन की गहन समीक्षा की गई। यह योजना राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

₹2 लाख करोड़ की मेगा योजना, राज्यों को मिलेगा बड़ा फायदा

बैठक में जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत कुल ₹2,00,000 करोड़ का प्रावधान किया है। इस राशि को राज्यों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर पूंजीगत निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य की आर्थिक क्षमता और विकास की गति में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।

कई सेक्टर में निवेश, एग्रीस्टैक से लेकर टूरिज्म तक फोकस

योजना के तहत कृषि, खनन और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता दी गई है। एग्रीस्टैक, खनन सुधार और सार्वजनिक वित्त आईटी सिस्टम के सुदृढ़ीकरण जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ यूनिटी मॉल, पुलिस आवास, कामकाजी महिला छात्रावास और पर्यटन स्थलों के विकास को भी प्रमुखता दी गई है।

मुख्य सचिव का सख्त निर्देश—नियमों का हर हाल में पालन

समीक्षा के दौरान प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और ब्रांडिंग नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। साथ ही 31 मार्च 2026 तक खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर PFMS पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया।

फंड मैनेजमेंट पर खास नजर

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सिंगल नोडल एजेंसी के खातों में जमा ब्याज को जल्द से जल्द भारत की संचित निधि में जमा किया जाए। सरकार अब फंड के उपयोग और पारदर्शिता को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।

अब हर स्तर पर होगी सख्त निगरानी

योजना की प्रगति पर नजर रखने के लिए नियमित समीक्षा बैठकों का शेड्यूल तय किया गया है। विशेष सचिव स्तर पर साप्ताहिक और अपर मुख्य सचिव स्तर पर पाक्षिक समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की देरी को तुरंत रोका जा सके।

विभागों को मिला टारगेट—जल्द भेजें प्रस्ताव

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी पांच प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को जल्द अंतिम रूप दें। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना का अधिकतम लाभ राज्य को मिले और विकास परियोजनाओं में तेजी आए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here