Bihar News: बिहार में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। विजय कुमार सिन्हा ने ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित कृषि क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में “बिहार कृषि ऐप” और “फार्मर रजिस्ट्री” कृषि क्षेत्र में नई क्रांति लाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को डिजिटल पहचान देने, कृषि योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने और खेती को हाईटेक बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान तकनीक से जुड़े और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठा सके।
बिहार में खेती को मिलेगा डिजिटल बूस्ट

कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप के जरिए योजनाबद्ध तरीके से किसानों और कृषि क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में चतुर्थ कृषि रोड मैप (2023-28) लागू है, जिसके तहत कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्य रूप से धान, गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन फसलों की खेती होती है और पिछले वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
बिहार ने बनाया रिकॉर्ड

सरकार के मुताबिक वर्ष 2005 की तुलना में राज्य में खाद्यान्न उत्पादन तीन गुना से ज्यादा बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिहार में रिकॉर्ड 247.83 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ। हालांकि मोथा तूफान और असामयिक बारिश के कारण 2025-26 में उत्पादन का अनुमान 226.71 लाख मीट्रिक टन लगाया गया है।
3446 करोड़ का कृषि बजट
कृषि मंत्री ने कहा कि चतुर्थ कृषि रोड मैप और सात निश्चय-3 के तहत किसानों के विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि विभाग को 3446.45 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एग्री-स्टैक को पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे सरकार और किसानों के बीच सीधा और पारदर्शी संबंध बनेगा।
Farmer Registry अभियान को मिली बड़ी सफलता
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य में अब तक 88.40 लाख किसानों का e-KYC पूरा हो चुका है, जबकि 48.45 लाख से ज्यादा किसानों का Farmer ID बनाया जा चुका है। सरकार ने 12 मई से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाकर सभी किसानों का Farmer ID बनाने का लक्ष्य रखा है।

Bihar Agriculture App से मिलेंगी ये सुविधाएं
उन्होंने बताया कि “बिहार कृषि ऐप” पर अभी करीब 11.50 लाख किसान रजिस्टर्ड हैं और साल के अंत तक 80 लाख किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य है। इस ऐप के जरिए किसानों को कई सुविधाएं मिलेंगी, जैसे:
- उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी
- सरकारी योजनाओं का अपडेट
- बाजार मूल्य की जानकारी
- मौसम अलर्ट
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड
- AI आधारित कृषि सलाह
“डिजिटल कृषि योद्धा” तैयार करेगी सरकार
कृषि मंत्री ने कहा कि पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर युवा किसान प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। प्रशिक्षित युवाओं को “बिहारी डिजिटल कृषि योद्धा” के रूप में पहचान दी जाएगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल क्रांति किसानों के जीवन में पारदर्शिता और समृद्धि का नया अध्याय लिखेगी।
दलहन-तिलहन और मखाना पर फोकस
राज्य सरकार खरीफ सीजन में संकर धान, संकर मक्का, दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। खासकर सरसों और सोयाबीन उत्पादन बढ़ाने की योजना है।
इसके अलावा मखाना उत्पादन, शुष्क बागवानी, गोदाम निर्माण, प्राथमिक प्रसंस्करण और फार्म ऑटोमेशन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके।

