पटना: बिहार में सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ निर्देश दिया गया कि राज्य की सभी प्रमुख सड़क परियोजनाओं में यूटिलिटी शिफ्टिंग और एनओसी से जुड़े लंबित मामलों का तय समय-सीमा के भीतर निपटारा किया जाए। बैठक में बिजली के खंभों और तारों को हटाने, जलापूर्ति पाइपलाइन शिफ्टिंग, नहर क्रॉसिंग और अन्य तकनीकी बाधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में NBPDCL, SBPDCL, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), जल संसाधन विभाग (WRD), GAIL समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिला स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
अरवल-बिहारशरीफ फोरलेन पर तेजी

करीब 89 किलोमीटर लंबी अरवल-बिहारशरीफ फोरलेन परियोजना में बिजली के पोल और हाईटेंशन लाइनों की वजह से आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए संयुक्त सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को प्राक्कलन जल्द अंतिम रूप देकर यूटिलिटी शिफ्टिंग शुरू करने का निर्देश दिया।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे पर विशेष फोकस
बिहार के सबसे महत्वाकांक्षी पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में जलापूर्ति पाइपलाइन, चापाकल और सीवरेज जैसी बाधाओं को जल्द हटाने के निर्देश दिए गए हैं। दरभंगा, समस्तीपुर और सहरसा के अधिकारियों से लंबित प्रस्ताव तत्काल मुख्यालय भेजने को कहा गया है, ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की देरी न हो।
राम जानकी मार्ग और जयनगर बाईपास पर भी कार्रवाई
मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ (राम जानकी मार्ग) परियोजना के तहत बनने वाले नहर क्रॉसिंग स्ट्रक्चर्स के लिए जल संसाधन विभाग को एक सप्ताह के भीतर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं जयनगर उत्तरी और दक्षिणी बाईपास के लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ संयुक्त सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
बेतिया-मंगलपुर और NH-22 परियोजनाओं को भी मिले निर्देश
बेतिया-मंगलपुर सड़क परियोजना में बिजली और रेलवे क्रॉसिंग से जुड़ी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन (NH-22) और मणिकपुर-साहिबगंज मार्ग में लंबित नहर क्रॉसिंग एनओसी इसी सप्ताह जारी करने के आदेश दिए गए हैं।

हर विभाग में बनेगा नोडल अधिकारी
बैठक में सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्देश दिया कि यूटिलिटी शिफ्टिंग और एनओसी से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट देगा और विभागों के बीच समन्वय बनाकर समय-सीमा के भीतर सभी बाधाओं को दूर करेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी इन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रमुख सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं तय समय पर पूरी हों, जिससे बिहार में परिवहन, व्यापार, कृषि और औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।

