Bihar News: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राज्य के चार वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों—औरंगाबाद, गया, जमुई और लखीसराय—में विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। बैठक में सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर हुई प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
बड़ा दावा—‘बिहार अब नक्सल मुक्त’, 2020 के बाद कोई बड़ा हमला नहीं
समीक्षा के दौरान यह साफ तौर पर कहा गया कि बिहार अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। वर्ष 2020 के बाद से पुलिस पर किसी बड़े नक्सली हमले की घटना सामने नहीं आई है। जनवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियानों में 256 उग्रवादियों की गिरफ्तारी भी हुई है, जो राज्य में बदली सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है।
सड़क और नेटवर्क में बड़ा बदलाव, दूर-दराज इलाकों तक पहुंच
बैठक में बताया गया कि RCPLWEA योजना के तहत 153 सड़कों में से 132 सड़कों और 74 पुलों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इससे जंगल और पहाड़ी इलाकों में भी कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
साथ ही मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए वन स्वीकृति से जुड़े मामलों को तेजी से सुलझाया जा रहा है, ताकि हर क्षेत्र तक संचार सुविधा पहुंचे।
शिक्षा और बैंकिंग में सुधार, गांव-गांव तक पहुंच रही सुविधा
शिक्षा के क्षेत्र में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से एकलव्य मॉडल स्कूलों को जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। वहीं वित्तीय समावेशन के तहत इन चार जिलों में 782 बैंक शाखाएं संचालित हो रही हैं। सरकार पंचायत सरकार भवनों में बैंक खोलने के लिए मुफ्त जगह भी दे रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा आसान हो सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, टीकाकरण में बड़ी बढ़ोतरी
नक्सल प्रभाव खत्म होने के बाद अब ‘शैडो जोन’ कहे जाने वाले इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से पहुंच रही हैं।
टीकाकरण के आंकड़े भी तेजी से बढ़े हैं—औरंगाबाद में 94%, जमुई में 91%, गया में 90% और लखीसराय में 85% तक कवरेज पहुंच गया है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या और गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।
पर्यटन और रोजगार पर खास जोर, युवाओं के लिए नई योजना
सरकार अब गया के छकरबंधा और भीमबांध जैसे पहाड़ी क्षेत्रों को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में भागीदारी बढ़ाने और “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” जैसी योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्य सचिव के सख्त निर्देश—काम में तेजी और पारदर्शिता जरूरी
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि विकास कार्यों की गति और तेज की जाए। सड़क और मोबाइल टावर निर्माण में पर्यावरण और वन स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय युवाओं और ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विकास का लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचे।

