न्यूज़ डेस्क
22 जनवरी को अयोध्या में मंदिर का उद्घाटन होना है और बंगाल में बवाल खड़ा है। तीन साधुओं की वहां पिटाई की गई। सच क्या है यह यह किसी को पता नहीं लेकिन अब इस मामले को लेकर खेल शुरू हो गया है। आगे क्या होगा किसी को पता नहीं।
जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में तीन साधुओं के साथ मारपीट के मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी लोगों को कोर्ट में पेश किया गया। स्थानीय लोगों ने अपहरणकर्ता समझकर सभी लोगों की बुरी तरह से पिटाई कर दी। गुस्साई भीड़ ने साधुओं के वाहन में तोड़फोड़ भी की।
वहीं इस मामले में टीएमसी नेता शशि पांजा ने कहा, “बीजेपी हमेशा जवाबदेही से बचती रही है…स्थानीय लोगों ने तीन साधुओं की पिटाई की क्योंकि उनका आरोप है कि साधु वहां से तीन लड़कियों का अपहरण कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की और लड़कियों को बचाया। पुलिस साधुओं को थाने ले गई। जांच चल रही है, लेकिन पुरुलिया में बीजेपी नेता पूरी घटना को गलत तरीके से पेश करने और बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।”
मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना गुरुवार की है। मकर संक्रांति के त्योहार पर गंगासागर जाने के लिए उत्तर प्रदेश के 3 साधुओं और एक व्यक्ति और उसके दो बेटों ने एक वाहन किराए पर लिया था। इस दौरान वह रास्ता भटक गए। रास्ते में साधुओं ने कुछ लड़कियों से रास्ते के बारे में पूछा। बताया जा रहा है कि यह लड़कियां शोर मचाते हुए वहां से भाग गईं। लोगों को लगा कि साधुओं ने लड़कियों को परेशान किया होगा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने साधुओं के साथ कार में बैठे लोगों को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। मौके पर पहुंची काशीपुर पुलिस ने इनकी जान बचाई।

