लोक सभा चुनाव जीतने के लिएओबीसी मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच शब्द प्रहार

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बीरेंद्र कुमार झा

2024 के लोक सभा चुनाव जीतने के लिए विपक्षी गंठबंधन इंडिया और सत्ताधारी गठबंधन एनडीए तरह – तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं। इन्हीं हटकंडों में से एक है जातिगत जनगणना जो इस समय सबसे ज्यादा लाइम लाइट में है।विपक्षी गंठबंधन में कभी नीतीश कुमार द्वारा केंद्र पर दवाब बनाने के लिए राज्य के खर्चे पर बिहार में इसकी शुरुआत की गई।लेकिन इंडिया गठबंधन बनाने के बाद इस जातिगणना के सबसे बड़े पैरोकार कांग्रेस बन गई है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान यह जानते हुए कि उस अधिनियम में ओबीसी को नहीं जोड़ा जा सकता है,राहुल गांधी ने सदन में इस मुद्दे पर बीजेपी को खूब लताड़ा था। वे तो अभी भी इस मुद्दे पर बीजेपी को पछाड़कर आगामी चुनाव का मार्ग प्रशस्त करना चाहते हैं।

वहीं दूसरी तरफ बीजेपी भी इस मामले में अपने स्टैंड पर खरी उतरने के लिए इसी मुद्दे को आधार बनाकर कांग्रेस को घेरने में जुट गई है।

राहुल गांधी का पीएम पर प्रहार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार जातिगत जनगणना की वकालत की है। उन्होंने जयपुर में शनिवार को कहा कि देश के प्रधानमंत्री जातिगत जनगणना से डरते क्यों है ?उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भागीदारी देने का काम बिना जातिगत जनगणना के नहीं हो सकता है। राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री को जातिगत जनगणना के आंकड़े देश के सामने रखना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस को दिलाई याद

राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी के तरफ से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान सामने आया है।उन्होंने कहा है कि मैं राहुल गांधी को याद दिलाना चाहूंगा कि वह इतिहास को पढ़ ले।बाबा साहब अंबेडकर ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था, क्योंकि नेहरू पर उनका आरोप था कि वह ओबीसी को आरक्षण देने के पक्ष में नहीं है।मंडल आयोग की सिफारिश आने के बाद कांग्रेस ने 10 साल तक उसे लागू नहीं किया।जाति आधारित जनगणना नहीं हो सकती यह चिदंबरम ने 2010 में गृह मंत्री रहते हुए वक्तव्य दिया था।जब जवाबदेही नहीं रहती है तब कोरी बात करने में कोई असुविधा नहीं रहती हैं। कांग्रेस पार्टी दिवालिया हो चुकी है। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने ओबीसी का मामला लोकसभा में भी उठाया था,जिस पर जमकर हंगामा हुआ था।

महिला आरक्षण को आज ही लागू किया जा सकता है

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जयपुर में कहा की महिला आरक्षण को आज ही लागू किया जा सकता है,, लेकिन केंद्र की बीजेपी सरकार परिसीमन व नई जनगणना का बहाना बनाकर इसे टालना चाहती है। कांग्रेस चाहती है कि महिला आरक्षण आज ही लागू हो जाए। राहुल गांधी ने जयपुर में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अगर हम ओबीसी को भागीदारी देने की बात करते हैं तो बिना जाति के जनगणना के इसे नहीं किया जा सकता है। अगर प्रधानमंत्री 24 घंटे ओबीसी की बात करते हैं ,उनके सम्मान की बात करते हैं तो फिर प्रधानमंत्री जातिगत जनगणना से क्यों डरते हैं? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी आप अपने अगले भाषण में हिंदुस्तान में बता दीजिए कि कांग्रेस पार्टी ने जातीगतहै जनगणना करवाई थी और आंकड़े आपके पास हैं। उन आंकड़ों को देश के सामने रख दीजिए।जनता को दिखा दीजिए और अगली जनगणना आप जाति के आधार पर कराएं। ओबीसी का अपमान मत कीजिए और उन्हें धोखा मत दीजिए।

भाषण में ओबीसी जनगणना पर एक शब्द नहीं बोल पाएंगे पीएम मोदी

राहुल गांधी ने कहा कि आप देखना की नरेंद्र मोदी जी आने वाले समय में अपने भाषण में ओबीसी जनगणना पर एक शब्द नहीं बोल पाएंगे।आपके सामने आंकड़े नहीं रख पाएंगे।उन्होंने कहा कि शायद देश और ओबीसी वर्ग के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि इस देश में ओबीसी,दलित व आदिवासी कितने हैं,किस समुदाय के कितने लोग हैं !इस सवाल का जवाब सिर्फ जातिगत जनगणना से मिलता है। जैसे ही मैंने संसद में जाति का जनगणना की बात की तो बीजेपी के नेता मंत्री सब चिल्लाने लगे और मेरी आवाज को दबाने की कोशिश करने लगे।कांग्रेस नेता ने महिला आरक्षण को लेकर भी केंद्र सरकार के लोग कहते हैं कि महिला आरक्षण लागू करने से पहले नई जनगणना और नए परिसीमन की जरूरत है। यह सच नहीं है। महिला आरक्षण को लागू करने के लिए विधानसभा लोकसभा की 33% सीट महिलाओं को आज ही दिया जा सकती है। मगर इन्होंने बहाना बनाया है। वह चाहते हैं कि महिला आरक्षण 10 साल में लागू हो,हम चाहते हैं कि महिला आरक्षण आज ही लागू हो और ओबीसी महिलाओं को महिला आरक्षण का फायदा मिले।

 

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