HomeदेशAssam Flood:दक्षिण-पूर्वोत्तर में भारी बारिश का कहर, असम में एक लाख से...

Assam Flood:दक्षिण-पूर्वोत्तर में भारी बारिश का कहर, असम में एक लाख से अधिक लोग प्रभावित,26 की मौत

Published on

न्यूज डेस्क
उत्तर और पूर्वी भारत जहां प्रचंड गर्मी से झुलस रहा है, वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश ने कहर बरपाया है। असम में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के चलते बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। ब्रह्मपुत्र समेत प्रमुख नदियां उफान पर हैं। राज्य में बाढ़ ने अब तक 26 लोगों की जान ले ली है। वहीं, करीमगंज ज़िले के बदरपुर इलाके में भूस्खलन की वजह से पांच लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक महिला और उसकी तीन बेटियां और एक तीन साल का बच्चा शामिल है।

असम में अब तक 26 लोंगो की मौत

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को हैलाकांडी जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। एएसडीएमए की बाढ़ रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल की बाढ़ ने अब तक राज्य में 26 लोगों की जान ले ली है। करीमगंज जिले में बाढ़ की स्थिति और भी बदतर हो गई है, क्योंकि 41,711 बच्चों सहित 1.52 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। करीमगंज जिले के नीलामबाजार, आरके नगर, करीमगंज और बदरपुर राजस्व सर्किल के अंतर्गत 225 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और 22,464 बाढ़ प्रभावित लोग जिला प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में शरण ले रहे हैं।

एएसडीएमए बाढ़ रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 बाढ़ प्रभावित जिलों के 28 राजस्व सर्किल के अंतर्गत 470 गांव प्रभावित हुए हैं और बाढ़ के पानी ने 11 जिलों में 1378.64 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। बाढ़ से 15 जिलों में 93,895 पालतू जानवर भी प्रभावित हुए हैं।

470 गांव पानी में डूबे

एएसडीएमए के अनुसार, करीमगंज सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां 1,52,133 लोग बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। इस आपदा ने कुल 1,378.64 हेक्टेयर फसल क्षेत्र और 54,877 पशुओं को प्रभावित किया है। वर्तमान में, 24 राजस्व मंडलों के 470 गांव जलमग्न हैं। राहत प्रयास जारी हैं, जिसमें 5,114 लोग 43 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। हालांकि, तटबंधों, सड़कों और पुलों सहित बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान ने सहायता और सहायता प्रदान करने में कठिनाइयों को और बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि कामपुर में कोपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे आगे और बाढ़ आने की चिंता बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के राज्यों, खासतौर पर मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मणिपुर में अगले तीन से पांच दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में 20 सेंटीमीटर से भी अधिक वर्षा हो सकती है। असम में तो पिछले कई दिनों हो रही बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र और बराक के अलावा विभिन्न सहायक नदियों के जलस्तर बढ़ता जा रहा है।

मेघालय के छह जिले प्रभावित

करीब एक सप्ताह से जारी बारिश से मेघालय के छह जिलों के 42 से अधिक गांवों में इसका असर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी गारो हिल्स जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। बारिश के कारण पूर्वी और पश्चिमी खासी हिल्स जिलों में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई है। मेघालय राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, लगातार जारी बारिश के चलते 17 घरों सहित 36 से अधिक संरचनाएं नष्ट हो गई हैं। फसल को नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी गारो हिल्स जिले के 24 से अधिक गांवों में 2,825 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। पश्चिमी गारो हिल्स में दो घर नष्ट हो गए।

अरुणाचल में जगह-जगह भूस्खलन

अरुणाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन होने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह कार्सिंगसा सिंकिंग जोन में एनएच-415 का एक हिस्सा एक पुलिया के साथ बह गया, जिससे निर्जुली और बांदेरदेवा के बीच संपर्क टूट गया। ईटानगर-यूपिया रोड पर भी कई जगह भूस्खलन हुआ है। राजधानी ईटानगर में भी जगह-जगह भूस्खलन हुआ है, लेकिन इसमें किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

चेन्नई में भारी बारिश से हवाई सेवाएं प्रभावित

चेन्नई में बीती रात से भारी बारिश के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। उड़ानों पर भी असर पड़ा है। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई इलाकों में पेड़ भी उखड़ गए हैं। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के चलते उड़ानों के आगमन प्रस्थान में देरी हुई है। दुबई, दिल्ली और पुणे से आने वाली उड़ानों में देरी हुई है।

 

Latest articles

यूनिवर्सल हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (UHO)— न्यूज़लेटर 19 जुलाई,2024

यह साप्ताहिक समाचार पत्र दुनिया भर में महामारी के दौरान पस्त और चोटिल विज्ञान...

यूपीएससी चेयरमैन मनोज सोनी ने कार्यकाल खत्म होने से पांच साल पहले दे दिया इस्तीफा

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के अध्यक्ष मनोज सोनी के इस्तीफे की खबर सामने आ...

बंगाल बीजेपी में सुवेंदु अधिकारी और अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष के बीच वार – पलटवार

बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की 'सबका साथ, सबका विकास' की...

बांग्लादेश के युवा आखिर किस तरह के आरक्षण का हिंसक विरोध कर रहे हैं ?

न्यूज़ डेस्कबांग्लादेश अचानक हिंसा की चपेट में आ गया है। इस बारे बांग्लादेश के...

More like this

यूनिवर्सल हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (UHO)— न्यूज़लेटर 19 जुलाई,2024

यह साप्ताहिक समाचार पत्र दुनिया भर में महामारी के दौरान पस्त और चोटिल विज्ञान...

यूपीएससी चेयरमैन मनोज सोनी ने कार्यकाल खत्म होने से पांच साल पहले दे दिया इस्तीफा

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन के अध्यक्ष मनोज सोनी के इस्तीफे की खबर सामने आ...

बंगाल बीजेपी में सुवेंदु अधिकारी और अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष के बीच वार – पलटवार

बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की 'सबका साथ, सबका विकास' की...