माफीनामे की राजनीति पंडित नेहरू तक पहुंची ,मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा नेहरू ने भी मांगी थी माफ़ी —

0
170



न्यूज़ डेस्क

सावरकर को लेकर चल रही रही राजनीति अब नेहरू तक पहुँच गई है। राहुल गाँधी ने पिछले दिन कहा था कि मेरा नाम सावरकर नहीं है ,मेरा नाम गाँधी है और गाँधी किसी से माफ़ी नहीं मांगते। राहुल के इस बयां के बाद उद्धव की शिवसेना से लेकर एनसीपी के भीतर भी नाराजगी है। अब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि राहुल गाँधी पर पलटवार करते हुए कहा कि नेहरू ने भी एक समय माफ़ी मांगी थी।
ठाकुर ने कहा, ‘‘यदि आप किसी का सम्मान नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम उनका अपमान न करें। गांधी का दावा है कि वह माफी नहीं मांगते हैं, लेकिन अब अपील में जा रहे हैं।” राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए, ठाकुर ने दावा किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री और राहुल के परदादा पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पंजाब में जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद एक आंदोलन के लिए गिरफ्तार होने के बाद जेल से बाहर निकलने के लिए बॉण्ड जमा किया था।
ठाकुर ने दावा किया कि नाभा जेल में हुई परेशानियों के चलते नेहरू को एक ‘‘माफीनामा” लिखना पड़ा था, जिसमें कहा गया था कि वह किसी भी आंदोलन में भाग लेने के लिए इस क्षेत्र में वापस नहीं आएंगे। नाभा जेल में एक पट्टिका के अनुसार, नेहरू,ए.टी. गिडवानी को 22 सितंबर, 1923 को नाभा रियासत में प्रवेश करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।
ठाकुर ने गांधी को उनकी ‘कभी माफी नहीं मांगने’ वाली टिप्पणी पर भी तंज कसा और याद दिलाया कि कांग्रेस नेता ने 2018 में (‘चौकीदार चोर है’ वाली टिप्पणी के लिए) शीर्ष अदालत से माफी मांगी थी। सम्मेलन का आयोजन स्वतंत्रता सेनानी और लोकमत मीडिया समूह के संस्थापक जवाहरलाल दर्डा की जन्म शताब्दी और लोकमत नागपुर संस्करण की स्वर्ण जयंती के अवसर पर किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here