झारखंड विधानसभा में पेश होगा झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक

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बीरेंद्र कुमार झा

झारखंड सरकार ने प्रतियोगिता परीक्षा में चोरी करने और कराने वालों के लिए 3 साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया है।साथ ही एक करोड़ से 2 करोड रुपए तक के दंड का प्रावधान भी किया है।चोरी करने वाले परीक्षार्थियों को दी जाने वाली सजा का प्रभाव इतना अधिक होगा कि उसकी सरकारी नौकरी करने की उम्र सीमा ही खत्म हो जाएगी। राज्य सरकार ने झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) विधेयक 2023 तैयार किया है।

 विधेयक का उद्देश्यऔर कार्य क्षेत्र

इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगिता परीक्षाओं में होने वाली चोरी को रोकना है। कानून बनने के बाद यह विधेयक पूरे राज्य में लागू होगा। राज्य लोक सेवा आयोग ,कर्मचारी चयन आयोग, भर्ती समितियों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं राज्य सरकार के लोक उपक्रमों द्वारा आयोजित परीक्षा के अलावा निगम और निकायों द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा पर भी लागू होगा। इस विधेयक में परीक्षार्थियों के अलावा परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल होने वाली एजेंसियां तथा सरकारी कर्मचारियों द्वारा प्रश्नपत्र लीक करने या गोपनीयता भंग करनेवाली जानकारी को सार्वजनिक करने को दंडनीय अपराध के रूप में शामिल किया गया है। उसके अलाइस परीक्षा ड्यूटी में शामिल कर्मचारियों उनके पारिवारिक सदस्यों तथा रिश्तेदारों को धमकी देने और परीक्षा के संबंध में गलत सूचना प्रचारित करने व अफवाह फैलाने को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

दंड के प्रावधान

विधेयक में दंड के संबंध में किए गए प्रावधान के अनुसार अगर कोई परीक्षार्थी नकल करते या कराते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 3 साल की सजा होगी।साथ ही उस पर ₹5 लाख रुपए तक का दंड लगाया जा सकेगा। दंड की रकम नहीं चुकाने पर अतिरिक्त 9 महीने की सजा होगी। परीक्षार्थी के दूसरी बार चोरी करते या कराते पकड़े जाने पर 7 साल की सजा होगी और 10 लाख का दंड लगेगा।

आरोप तय होने पर अधिकतम सजा आजीवन कारावास

परीक्षार्थी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दायर कर उसे दो से 5 साल तक परीक्षा में शामिल होने नहीं दिया जाएगा। न्यायालय द्वारा सजा होने पर संबंधित परीक्षार्थी 10 साल तक प्रतियोगी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा।परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल किसी कंपनी यां एजेंसी द्वारा परीक्षा की गोपनीयता भंग करने या प्रश्न पत्र लीक करने वालों को कम से कम 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा होगी।साथ ही एक करोड़ से लेकर ₹2 करोड़ तक का दंड लगेगा। दंड की रकम नहीं चुकाने पर अतिरिक्त 3 साल के कारावास की सजा होगी।

 

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