बीरेंद्र कुमार झा
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच पड़ोसी राज्य मिजोरम में रह रहे मैतेई समुदाय को धमकी मिली है। मिजोरम के पूर्व विद्रोहियों ने मैतेई समुदाय के लोगों से राज्य छोड़ने को कहा है।उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस की धमकी दी है।इसके बाद मिजोरम सरकार ने राजधानी आइजोल में मैतेई लोगों के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। शुक्रवार को आइजोल से जारी एक बयान में पीस एकॉर्ड एमएनएफ रिटर्निंग एसोसिएशन ने कहा कि अगर मैतेई लोगों को अपनी सुरक्षा प्यारी है तो वे मिजोरम छोड़ दें,क्योंकि पड़ोसी राज्य में जातीय संघर्ष के दौरान दो महिलाओं को नग्न घुमाने की घटना के बाद से मिजो युवाओं में गुस्सा हैं ।गौरतलब है कि पीस अकॉर्ड एमएनएफ रिटर्नीज एसोसिएशन मिजो नेशनल फ्रंट के पूर्व उग्रवादियों का एक गैर राजनीतिक संगठन है ,जो शांति समझौते की सभी धाराओं को लागू करने की मांग कर रहा है।
मणिपुर की घटना से आक्रोशित है मिजो समुदाय
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीस एकॉर्ड एमएनएफ रिटर्निज एसोसिएशन ने कहां है कि मणिपुर में जातीय समुदाय कुकी के साथ हुई हिंसा से मिजो भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। साथ ही संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मिजोरम में रह रहे मैतेई लोगों पर कोई हिंसा होता है ,तो इसके लिए वे खुद ही जिम्मेदार होंगे।बयान में कहा गया है कि मिजोरम में तनावपूर्ण हो गई है और मणिपुर में उग्रवादियों द्वारा किए गए बर्बर और जघन्य कृत्यों के मद्देनजर मणिपुर के लोगों के लिए मिजोरम में रहना उचित नहीं है। पीस एकॉर्ड एमएनएफ एसोसिएशन मिजोरम में रह रहे सभी मैतेई लोगों से अपील करता है कि सुरक्षा उपाय के तौर पर वे अपने गृह राज्य चले जाएं।
मिजोरम सरकार ने मैतेई लोगों की दी है सुरक्षा का भरोसा
मिजोरम सरकार के सूत्रों ने कहा है यह सुनिश्चित करने के लिए पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं कि किसी भी मैतई व्यक्ति को कोई नुकसान ना पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने अपने मणिपुर समकक्ष एन बीरेन सिंह को मिजोरम में लोगों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। सूत्रों ने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद मणिपुर सरकार ने मिजोरम और केंद्र सरकार से इसे लेकर फिर से चर्चा की है।
मणिपुर की घटना की हुई है देशव्यापी निंदा
4 मई को शूट किया गया एक वीडियो बुधवार को सामने आया था, जिसमें मणिपुर में हिंसारत समुदायों में से एक समुदाय की दो महिलाओं को नग्न अवस्था में घुमाया जा रहा है और दूसरे समुदाय की भीड़ उनके साथ छेड़छाड़ कर रही है।कथित मुख्य आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।इस घटना की देशभर में व्यापक निंदा हुई है।
मिजो का संबंध हैं कुकी वंश से
पूर्व उग्रवादियों के बयान में कहा गया है कि मिजो युवाओं में गुस्सा है। ये मणिपुर में कुकी लोगों के खिलाफ मैतेई द्वारा किए गए बर्बर और नृशंस कृत्य से बहुत दुखी हैं। इसमें कहा गया है कि मिजो भी कुकी वंश के हैं।उन्होंने कहा कि राज्य छोड़ने की अपील केवल मणिपुर के मैतेई लोगों के लिए है और किसी के लिए नहीं ।मिजोरम में हजारों मैतेई लोग रहते हैं जिनमें छात्र भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर मणिपुर और असम के हैं ।कथित तौर पर मणिपुर से विस्थापित 12,000 से अधिक कुकियों ने भी पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम शरण ली है।कुकी भी अधिकतर ईसाई हैं।

