अमित शाह से मिले रामकृपाल यादव, बिहार में सहकारिता को मिलेगी नई रफ्तार? इन मुद्दों पर हुई बड़ी चर्चा

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नई दिल्ली: बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने गुरुवार को संसद भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बैठक में बिहार में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने, किसानों को सहकारी व्यवस्था से अधिक लाभ दिलाने और राज्य में सहकारिता क्षेत्र की चल रही विभिन्न योजनाओं को गति देने समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान बिहार में सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और हाल के प्रयासों की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी गई। इस दौरान सकरी, मधुबनी में सहकारी चीनी मिल की स्थापना, बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन, सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने जैसी पहलों पर चर्चा हुई।

किसानों को फायदा पहुंचाने पर जोर

मुलाकात में किसानों की आय और सहकारी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करने से जुड़े कई विषय सामने रखे गए। बिहार में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण और पैक्स (PACS) को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के तौर पर विकसित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी गई।

इसके अलावा ‘सहकारिता में सहकार’ पहल के तहत बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, पैक्स एवं सहकारी पदाधिकारियों के प्रशिक्षण और बिहार के सहकारी उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।

इन मुद्दों पर केंद्र से सहयोग की मांग

सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने बिहार में सहकारिता क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के सामने रखीं। इनमें पैक्स के कंप्यूटरीकरण, बहुउद्देशीय सेवा केंद्रों के विकास, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का भुगतान तेज करने और राज्य खाद्य निगम (SFC) को समय पर राशि उपलब्ध कराने जैसे विषय प्रमुख रहे।

मंत्री ने बिहार में सहकारिता व्यवस्था को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्र से आवश्यक सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अमित शाह ने प्रयासों की सराहना की

बैठक के दौरान अमित शाह ने बिहार में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने राज्य में सहकारी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए हरसंभव सहयोग और आवश्यक मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। इससे बिहार में सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने और किसानों तक सहकारी सुविधाओं की पहुंच मजबूत करने की उम्मीद बढ़ी है।

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