न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में हमले के दोषी अहमद मुर्तजा अब्बासी को लखनऊ की एनआईए कोर्ट ने दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनायी है। आरोपी मुर्तजा अब्बासी ने 4 अप्रैल 2022 को मंदिर पर हमला किया था। अब्बासी ने मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी सिपाहियों पर बांके से हमला किया था। इस दौरान मुर्तजा ने उनके हथियार भी छीनने की कोशिश की थी। 27 जनवरी को मामले में सुनवाई के दौरान मुर्तजा पर लगे आरोपों में वह दोषी पाया गया था। एनआईए कोर्ट के विशेष जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सोमवार को उसे फांसी की सजा सुनाई है। घटना को देश के खिलाफ जंग छेड़ने का मामला माना गया है।
मुर्तजा को 28 जनवरी को ठहराया गया था दोषी
शनिवार को लखनऊ की एक अदालत ने 28 जनवरी को अब्बासी को गोरखनाथ मंदिर में पीएसी के जवान पर हमला करने का दोषी ठहराया था। एटीएस अदालत के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने कहा था कि सजा की मात्रा की घोषणा 30 जनवरी को की जाएगी। घटना के समय गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पीएसी के जवान अनिल कुमार पासवान और उसके साथी के अलावा घायलों का मेडिकल करने वाले चिकित्सक एवं महिला कांस्टेबल की गवाही अहम रही।
मंदिर के गेट पर तैनात जवानों पर किया हमला
4 अप्रैल, 2022 को गोरखनाथ पुलिस स्टेशन में दर्ज एक प्राथमिकी के अनुसार, विनय कुमार मिश्रा की शिकायत के आधार पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के स्नातक अहमद मुर्तजा ने 3 अप्रैल को गोरखनाथ मंदिर परिसर में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों पर बांके से हमला कर दिया, जिससे दो पीएसी के जवान घायल हो गए थे।