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मंत्रिमंडल में दबदबा के बाद स्पीकर बनाने के प्रयास में बीजेपी,कितना है सफलता का चांस

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लोकसभा में बहुमत के जादुई आंकड़ा 272 से 32 सीट कम पाकर एनडीए के 293 सीट के साथ सरकार बनाने वाली बीजेपी ने पहले तो मंत्रिमंडल गठन में अपना वर्चस्व कायम रखा और प्रधान मंत्री समेत 72 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 61 मंत्री बीजेपी के खेमे से ही बने।मंत्रिमंडल गठन में अपना दबदबा दिखाने के बाद अब बीजेपी की नजर लोकसभा अध्यक्ष के पद पर टिकी हुई है। बीजेपी के लोकसभा अध्यक्ष पद अपने पास ही रखने के प्रयास को जेडीयू का भी समर्थन मिलता दिख रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव में जेडीयू बीजेपी द्वारा नामित उम्मीदवार को देगा समर्थन

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी से जब कुछ विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों को लेकर यह सवाल पूछा गया कि 18 वीं लोक सभा का अध्यक्ष जेडीयू या टीडीपी में से किसका होगा ? तो इसके जवाब में के सी त्यागी ने स्पष्ट रूप से कहा उनकी पार्टी जेडीयू और टीडीपी दोनो ही एनडीए का हिस्सा हैं। जेडीयू और टीडीपी दोनों एनडीए से पूरी तरह से जुड़े है। हम लोकसभा अध्यक्ष के लिए भारतीय जनता पार्टी नामित उम्मीदवार को समर्थन देंगे। गौरतलब है कि बीजेपी केंद्र में अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही है ।जेडीयू लीडर केसी त्यागी की टिप्पणी से इस बात के बड़े संकेत मिलते हैं कि बीजेपी स्पीकर पद के लिए अपना उम्मीदवार खड़ा कर सकती है।लोकसभा अध्यक्ष पद का उम्मीदवार पार्टी के सहयोगियों से नहीं होने वाला है।

26 जून को होगा लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव

लोकसभा 26 जून को अपने नए अध्यक्ष का चुनाव करेगी। सदन के सदस्य उम्मीदवारों के समर्थन में प्रस्ताव के लिए एक दिन पहले दोपहर 12:00 बजे तक नोटिस किया जा सकता है।18वीं लोकसभा की पहली बैठक 24 जून को होगी और सत्र 3 जुलाई को समाप्त होगा। लोकसभा की ओर से इसे लेकर बुलेटिन जारी किया गया है इसमें कहा गया है कि अध्यक्ष के चुनाव के लिए तय तिथि से एक दिन पहले कोई भी सदस्य अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य सदस्य के समर्थन में प्रस्ताव के लिए महासचिव को लिखित रूप से नोटिस दे सकता है।मौजूदा मामले में अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रस्ताव के वास्ते नोटिस मंगलवार 25 जून दोपहर 12:00 बजे से पहले दिए जा सकते हैं।

अपना नाम प्रस्तावित या समर्थन नहीं कर सकता कोई

नए सत्र के पहले दो दिन निर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण के लिए समर्पित होंगे।अध्यक्ष के चुनाव के लिए 26 जून की तिथि तय की गई है, जबकि 27 जून को राष्ट्रीय द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदन को संबोधित करेंगे। प्रस्ताव के लिए नोटिस का समर्थन किसी तीसरे सदस्य के द्वारा किया जाना चाहिए। साथ ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार द्वारा यह बयान भी दिया जाना चाहिए कि निर्वाचित होने पर अध्यक्ष के रूप में काम करने के लिए वे तैयार है।लोकसभा सचिवालय में नियमों का हवाला देते हुए बताया गया कि कोई सदस्य अपना नाम प्रस्तावित नहीं कर सकता है या अपने नाम वाले किसी प्रस्ताव का समर्थन भी नहीं कर सकता है।

 

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