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अडानी समूह की बढ़ी मुसीबत : अडानी के दो एयरपोर्ट की हो रही जाँच !

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न्यूज़ डेस्क 

 अडानी समूह की मुसीबत बढ़ सकती है। वैसे तो सेबी की जाँच चल ही रही है लेकिन अभी कॉर्पोरेट  मंत्रालय द्वारा जिस तरह से अडानी समूह के दो एयरपोर्ट की जाँच चल रही है उससे अडानी समूह के भीतर खलबली मची हुई है। अडानी  एंटरप्राइजेज ने कहा है कि भारत का कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय देश की फाइनैंशियल कैपिटल मुंबई में ग्रुप के दो हवाई अड्डों के अकाउंट्स की जांच कर रहा है, जो अडानी  एटरप्राइजेज के तहत ऑपरेट किए जाते हैं।                     
    कंपनी ने कहा कि मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2017-18 और 2021-22 के लिए ‘मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ पर जानकारी और डॉक्यूमेंट्स मांगे थे। गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी महीने में भी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने अदाणी ग्रुप के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की जांच शुरू की थी। बता दें कि भारत सरकार के निजीकरण अभियान के बाद से अडानी  ग्रुप के पास 7 एयरपोर्ट्स हैं। 
                अडानी  ग्रुप पहले से ही सात हवाई अड्डों का मालिक है और उनका संचालन करता है। इन एयरपोर्ट्स में मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनैशनल एयरपोर्ट भी शामिल है, जिसे अडानी  एंटरप्राइजेज ने 2021 में खरीदा था। अडानी  ग्रुप ने 2019 में सरकार के पहले निजीकरण  अभियान के हिस्से के रूप में छह हवाई अड्डों को खरीदने के लिए बोली जीती और यह फाइनेंशियल कैपिटल मुंबई के बाहरी इलाके में नवी मुंबई में एक नया हवाई अड्डा बना रहा है।
              अडानी  के दो एयरपोर्ट्स की जांच ग्रुप के लिए मुसीबत की कड़ी में सबसे लेटेस्ट है क्योंकि इस साल की शुरुआत में ही यानी जनवरी में ही एक अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने उस पर ऑफशोर टैक्स हेवन और स्टॉक हेरफेर का अनुचित तरीके से उपयोग यानी स्टॉक मैनिपुलेशन करने का आरोप लगाया था, और ग्रुप को तगड़ा झटका दिया था। कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि अब शेयरों की रफ्तार धीरे-धीरे लौट रही है लेकिन मार्केट रेगुलेटर सेबी की जांच अभी जारी है।
                   इस बीच, फाइनेंशियल टाइम्स ने गुरुवार को सीमा शुल्क रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि अदाणी समूह ने अरबों डॉलर मूल्य के कोयले का आयात उन कीमतों पर किया जो कभी-कभी बाजार मूल्य से दोगुनी से भी अधिक होती थीं।ऑर्गनाइज्ड क्राइम ऐंड करप्शन रिपोर्ट प्रोजेक्ट की एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी फैमिली के पार्टनर्स ने भारतीय समूह के शेयरों में निवेश करने के लिए ऑफशोर फंड का इस्तेमाल किया।

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