विकास कुमार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दावोस दौरे पर जा रहे हैं। सीएम के इस दौरे पर शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे ने सवाल खड़ा कर दिया है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि सीएम शिंदे अपने साथ 50 लोगों का प्रतिनिधिमंडल दावोस वर्ल्ड फोरम में लेकर जा रहे हैं। क्या इसके लिए सीएम ने विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय से इजाजत ली है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भी करीब 10 लोगों का है। ज्यादातर गैरजरूरी लोग दावोस जा रहे हैं। ऐसे में इतने सारे लोगों को ले जाने की क्या जरूरत है। उन्होंने सवाल किया कि इसका भुगतान आखिर कौन करेगा। आदित्य ने कहा कि नेताओं के पत्नी और बच्चे भी जा रहे हैं, जैसे ये कोई हॉली डे हो।
आदित्य ठाकरे ने बताया कि सीएम शिंदे के साथ दावोस दौरे पर 50 लोग जा रहे हैं। इनमें उद्योग मंत्री हैं, इनके अलावा एक सांसद और एक पूर्व सांसद है। साथ ही सीएम के तीन पीए, एक उपमुख्यमंत्री के पीए जा रहे हैं और साथ ही कई दूसरे अधिकारी भी जा रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि जब एमओयू साइन करने के लिए सिर्फ 45 लोगों की जरुरत होती है, तो सवाल उठता है कि आखिर इतने सारे लोगों की वहां क्या जरूरत है। अब शिंदे सरकार को ठाकरे की तरफ से उठाए गए सवाल का जवाब जरूर देना चाहिए।

