रिम्स में लिफ्ट के अटक जाने से बीमार बच्चे ने तोड़ा दम

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राचीं (बीरेंद्र कुमार): रांची के रिम्स में एक बार फिर से अब्यवस्था खुलकर सामने आ गई। रिम्स की अब्यवस्था के कारण लिफ्ट के बीच में ही अटक जाने की वजह से बिहार के गया के रहने वाले आदित्य नाम के एक 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। रिम्स में डायलिसिस में लंबा वक्त लगता देख कर आदित्य के परिजन उसे एक निजी क्लीनिक में ले जाने लगे थे। चौथे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर तक जाने के लिए परिजनों ने लिफ्ट का सहारा लिया जो बीच में ही अटक गई। इस बीच आदित्य की हालत और ज्यादा बिगड़ गई, जिस वजह से उसकी मौत हो गई।

रिम्स में देरी लगने की बात कह निजी क्लीनिक ले जाकर डायलसिस की दी थी सलाह

प्राप्त जानकारी के अनुसार आदित्य को लेकर उसके परिजन जब रिम्स पहुंचे थे,तो उस समय उसे वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ आईसीयू की जरूरत थी।लेकिन ऐसा कोई विस्तर उस समय रिम्स में खाली नहीं होने की वजह से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पीडियाट्रिक्स आईसीयू में एक बिस्तर पर रखा गया। यहां डॉक्टर ने आदित्य के परिजन को इसका डायलिसिस कराने की सलाह दी। नए ट्रामा सेंटर में बच्चे को डायलिसिस के लिए सुबह 11:00 का समय दिया गया। यहां डॉक्टरों ने आदित्य के परिजन को बताया की रिम्स में डायलिसिस के लिए 10 – 12 घंटे का इंतजार करना होगा, इसलिए बच्चे को किसी निजी अस्पताल में ले जाकर डायलिसिस करवाएं। इसके बाद आदित्य के परिजन वहां ट्रॉली की तलाश करने लगे, ताकि उस पर इसे लिटा कर ग्राउंड फ्लोर होते हुए निजी अस्पताल ले जाकर इसका डायलाइसिस करवा सके। लेकिन वहां पर कोई ट्रॉली भी इन्हें नहीं मिला। तब आदित्य के चाचा ने उसे गोद में उठाया और उसे लेकर लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर आने लगे। लेकिन इस बीच वहां बिजली कट गई जिससे लिफ्ट बीच में ही अटक गया। इस बीच आदित्य की तबीयत और बिगड़ गई, जिससे उसकी जान चली गई।

रिम्स के विभिन्न हिस्सों की लिफ्ट खराब

रिम्स में अधिकांश लिफ्ट अक्सर खराब ही रहता है। इस समय भी वहां के विभिन्न हिस्सों में 10 लिफ्ट खराब पड़ी है। मेडिसिन आईसीयू और बर्न वार्ड जाने वाली लिफ्ट खराब है। इसके अलावा कार्डियोलॉजी बिल्डिंग की 6 लिफ्ट में से 4 लिफ्ट और पेइंग वार्ड के 3 लीटर में से 2 लिफ्ट खराब है। लिफ्ट के खराब रहने की स्थिति में कार्डियोलॉजी में परामर्श लेने वाले हृदय रोगियों को रैंप से जाना पड़ता है जबकि पुराने बिल्डिंग में आने वाली गर्भवती महिलाओं को शिरडी से जाना पड़ता है। रिम्स प्रबंधन लिफ्ट के मेंटेनेंस पर हर साल लाखों रुपए खर्च करता है बावजूद इसके हर्ष में यहां की स्थिति खराब ही रहती है।

मामले पर रिम्स प्रबंधन की सफाई

इस मामले को लेकर रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ राजीव रंजन का कहना है कि आदित्य के परिजन को किसी ने गलत सूचना दी कि रिम्स में डायलिसिस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। सुबह 9:00 बजे ट्रॉली वाले मरीज को डायलिसिस के लिए लिफ्ट में ले जा रहे थे। इसी दौरान मीटरिंग का काम होने के कारण बिजली चली गई थी जिस कारण लिफ्ट बीच में ही रुक गई। इस बीच मरीज की स्थिति गंभीर हो गई और तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे की मौत हो गई। रोगी को मृत घोषित किए जाने के आधे घंटे के भीतर शव को स्थानांतरित कर देना चाहिए था। इस कार्य में थोड़ी देरी हुई है।

 

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