Bihar News: सरकारी इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक कॉलेजों में हुए 98 प्रतिशत नामांकन, राज्य में तकनीकी शिक्षा का बढ़ेगा दायरा : मंत्री शीला कुमारी

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पटना: विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के लिए दूरगामी कदम उठा रहा है। विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राथमिकताओं, अनुसंधान, अवसंरचना और नए पाठ्यक्रमों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।

इसी को लेकर विभाग की माननीय मंत्री शीला कुमारी ने राज्य के सभी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में कुल क्षमता के विरुद्ध 98 प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया गया है। यह सत्र 2022-23 की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी है।

साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य के 11 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों की 20 शाखाओं को एनबीए यानी नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन की मान्यता मिल चुकी है। इसके अलावा 32 संस्थानों के 42 कार्यक्रमों का मूल्यांकन प्रक्रियाधीन है।

इस दौरान शीला कुमारी ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में शोध संस्कृति के लिए रिसर्च फंड को 2-3 लाख रुपये से बढ़ाकर 20-30 लाख रुपये प्रति परियोजना करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। एआई, डेटा साइंस, जीआईएस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक विषयों को शोध में शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उच्च प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को विश्वविद्यालय में रूपांतरित करने की दिशा में मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा साहनी आर्किटेक्चरल एवं सिविल विश्वविद्यालय और भागलपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए गूगल और एआई पाठ्यक्रम डिजाइन के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ समन्वय अंतिम चरण में है। छात्रों को विदेश में रोजगार के अवसरों के लिए जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा का प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर विजिट कराई जाएगी।

केंद्र को भेजा गया नए तारामंडल बनाने का प्रस्ताव

उन्होंने बताया कि प्रमंडल स्तर पर पूर्णिया, मोतिहारी और जमुई में नए तारामंडल के प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं। रिमोट सेंसिंग सेंटर, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी और स्पेस पॉलिसी पर भी काम चल रहा है। विभाग में यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति के लिए बेल्ट्रॉन के माध्यम से बहाली शुरू होगी।

मंत्री ने कहा कि बैठक में शिक्षकों-छात्रों की उपस्थिति और सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। जहां छात्रावास नहीं है, वहां सरकार किराए पर मकान लेकर छात्रावास की सुविधा देगी। उन्होंने बताया कि मधुबनी पॉलिटेक्निक में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुआ है और अन्य संस्थानों में भी प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम हो रहा है।

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