Homeदेशझारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने पेश किया 116418 करोड का...

झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने पेश किया 116418 करोड का बजट

Published on

बीरेंद्र कुमार झा

झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने शुक्रवार को वर्ष 2023- 24 के लिए 1,16,418 करोड़ रूपीस का वजट विधानसभा में पेश किया। इसमें उन्होंने कई अहम घोषणाएं की।वित्त मंत्री ने बजट भाषण देने के क्रम में हेमंत सोरेन सरकार की उपलब्धियों का भी बखान किया। बीजेपी और एजेएसयू के नेताओं ने बीच-बीच में टोका टोकी की, लेकिन अधिकतर समय झारखंड विधानसभा के सदस्यों ने डॉo रामेश्वर उरांव के बजट भाषण को शांतिपूर्ण ढंग से सुना।

मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा विकास की राह में अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को आगे लाने का काम हेमंत सोरेन के हवाई वाली झारखंड सरकार ने किया है उन्होंने सदन को बताया कि खोलना शंकर के बाद विकास दर की रफ्तार बढ़ी है यह राष्ट्रीय विकास दर से अधिक है। वर्ष 2019 – 20 में प्रदेश की विकास दर 1 फ़ीसदी थी जो 2022-23 में बढ़कर 708 फ़ीसदी रहने का अनुमान है।

राजकोषीय घाटा को नियंत्रित किया

वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने विधानसभा में कहा कि राजकोषीय घाटा को 1% से भी कम रखने में झारखंड की सरकार सफल रही है। डेट जीडीपी रेसियो में सुधार आया है। राजस्व आय में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 – 20 में राजस्व आय 25,521 करोड थी, जो वर्ष 21- 22 में ₹31,320 और वर्ष 2022 में 23.2 8% बढ़कर ₹38,662 रहने का अनुमान है।

स्थापना व्यय में आई कमी

झारखंड के वित्त मंत्री ने कहा कि 3 साल में स्थापना व्यय में लगातार कमी आई है।वहीं योजना व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि स्थापना और योजना का अनुपात अब 43:57 हो गया है।जिसके वर्ष 2320 में 39 :6 1 तक लाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि हमारी सरकार स्थापना व्यय में लगातार कमी करते हुए राज्य के विकास कार्यों को तरजीह दे रही है।

आधारभूत संरचनाओं का विकास हमारी प्राथमिकता

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में आधारभूत संरचनाओं का विकास हमारी प्राथमिकता है। पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि पर हमारी सरकार ने बल दिया है। यह 2021-22 में 10,789 रुपए का पपूंजी व्यय हुआ था, जो वर्ष 2022 – 23 में 18,017 करोड़ रुपए और वर्ष 2023- 24 में यह बढ़कर ₹25300 हो गया है।

पहली बार बजट में 15% की वृद्धि

झारखंड में आमतौर पर बजट में 10% की वृद्धि होती थी। यह पहला मौका है जब बजट में 15% की वृद्धि की गई है ।वर्ष 2023-24 में ₹84,676करोड़ राजस्व व्ययका अनुमान है, जबकि 31,742 करोड़ ₹ पूंजीगत व्यय का अनुमान है, सामान्य क्षेत्र के लिए 33378.45 करोड़ रुपए, सामाजिक क्षेत्र के लिए, 43303.44 करोड़ और आर्थिक क्षेत्र के लिए 39,736.. 11 करोड़ रुपए का आवंटन सरकार ने किया है।

झारखंड की अर्थव्यवस्था का लेखा जोखा

वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि राजस्व से 30,807 करोड रुपये, गैर कर से से 17259 करोड 44 लाख रुपये ,केंद्रीय सहायता से 16438 करोड़ 42 लाख रुपये, केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी से 33,779 करोड 29 लाख रुपये , लोक ऋण से 18,000 करोड रुपये ,अग्रिम की वसूली से ₹80 करोड 85 लाख रुपए की प्राप्ति का अनुमान है।

राजकोषीय घाटा 11674 करोड 57 लाख रहने का अनुमान

वर्ष 2023 – 24 में राजकोषीय घाटा के 11,674 करोड़ 57लाख रुपए रहने का अनुमान है ,जो अनुमानित जीएसडीपी का 2.7% है। यह भारत सरकार के निश्चय से कम है। राज्य की आर्थिक विकास दर 11 – 12 के कॉन्स्टेंट प्राइस और करंट प्राइस पर क्रमश:7. 4% तथा 11.6 % अनुमानित है।

बीरेंद्र कुमार झा

Latest articles

संसद में किसी भी बिल या प्रस्ताव पर पार्टी लाइन से हट कर वोट, मनीष तिवारी ने पेश किया प्रस्ताव

कांग्रेस के सीनियर लोकसभा मेंबर मनीष तिवारी ने मौजूदा विंटर सेशन के दौरान सदन...

भारत में हम तनानती नहीं,सनातनी,कोलकाता गीता पाठ कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री की हुंकार

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सामूहिक गीता पाठ का आयोजन किया गया। इस...

पित्त की पथरी अब बच्चों में भी आम, क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह?

अब तक पित्त की पथरी यानी Gallstones को एक ऐसी बीमारी माना जाता था...

पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर बवाल 

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की नींव रखने को लेकर राजनीतिक...

More like this

संसद में किसी भी बिल या प्रस्ताव पर पार्टी लाइन से हट कर वोट, मनीष तिवारी ने पेश किया प्रस्ताव

कांग्रेस के सीनियर लोकसभा मेंबर मनीष तिवारी ने मौजूदा विंटर सेशन के दौरान सदन...

भारत में हम तनानती नहीं,सनातनी,कोलकाता गीता पाठ कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री की हुंकार

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सामूहिक गीता पाठ का आयोजन किया गया। इस...

पित्त की पथरी अब बच्चों में भी आम, क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह?

अब तक पित्त की पथरी यानी Gallstones को एक ऐसी बीमारी माना जाता था...