मेटा के स्वामित्व वाले पॉपुलर मैसेजिंग ऐप WhatsApp में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी Status सेक्शन और WhatsApp Channels में विज्ञापन (Ads) दिखाने की तैयारी में है, साथ ही कुछ विशेष चैनलों के लिए मासिक सब्सक्रिप्शन फीस भी लागू हो सकती है।
अब तक WhatsApp अपने ऐड-फ्री अनुभव के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह छवि बदलने जा रही है।Status सेक्शन में इंस्टाग्राम और फेसबुक की तरह sponsored images या वीडियो दिख सकते हैं। वहीं, WhatsApp Channels- जहां सेलिब्रिटी, इंफ्लुएंसर्स या ब्रांड्स अपने फॉलोअर्स से जुड़ते हैं- पर प्रीमियम कंटेंट के लिए फीस ली जा सकती है।
भारत WhatsApp का सबसे बड़ा बाजार है।यहां लाखों लोग चैटिंग के साथ-साथ बिजनेस और कंटेंट अपडेट्स के लिए Channels का उपयोग करते हैं। ऐसे में यदि लोकप्रिय चैनल्स सब्सक्रिप्शन आधारित हो जाते हैं, तो कंटेंट क्रिएटर्स और ब्रांड्स को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। आम यूजर्स को भी यह तय करना होगा कि वे किस चैनल के लिए पैसे खर्च करना चाहेंगे।
बिजनेस और मार्केटिंग के नये रास्ते
जहां एक ओर कुछ यूजर्स विज्ञापनों को लेकर निराश हैं, वहीं छोटे व्यवसायों के लिए यह एक सुनहरा अवसर हो सकता है।ब्रांडेड चैनलों के जरिये वे अपने प्रोडक्ट्स को प्रमोट कर सकते हैं और टारगेटेड ऑडियंस तक पहुंच बना सकते हैं।
WhatsApp का यह कदम साफ करता है कि मेटा अब इस ऐप को केवल एक मैसेजिंग प्लैटफॉर्म न मानकर एक कमर्शियल इकोसिस्टम की ओर ले जाना चाहता है। हालांकि, यह बदलाव कितना सफल होगा, यह यूजर्स की प्रतिक्रिया और बाजार की रणनीतियों पर निर्भर करेगा।
