पवार परिवार ने प्लेन क्रैश में अजित पवार की मौत को पहली बार बड़ी साज़िश बताया है। एनसीपी के शरद पवार गुट के नेता और अजित के भतीजे रोहित पवार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनके चाचा अजित पवार की 28 जनवरी को हुई प्लेन क्रैश में मौत एक साजिश का नतीजा है। उन्होंने साज़िश की पूरी थ्योरी को समझाने के लिए प्रजेंटेशन भी दिया। रोहित पवार परिवार में पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने ऐसा दावा किया है। इससे पहले शरद पवार ने साजिश की बात को नकार दिया था।
रोहित पवार ने मंगलवार शाम को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फ्लाइट के बारे में बैकग्राउंड बताया और उस दिन की घटनाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘मैं ये नहीं कह सकता कि ये राजनीतिक साजिश है या नहीं, लेकिन ये 100% साजिश है… पार्टी के बड़े नेताओं के लिए इस घटना और इसकी जांच अहम नहीं है, उनके लिए सत्ता में अपनी कुर्सी बचाना ज्यादा जरूरी है।’
रोहित पवार ने बताया कि ये हादसा इसलिए चर्चा में है क्योंकि गांव की पंचायत के सीसीटीवी कैमरे में प्लेन क्रैश होने से पहले झुकता हुए दिखाई दिया। उन्होंने कहा, ‘अगर सीसीटीवी फुटेज नहीं होता तो सिर्फ सतही या अस्पष्ट जानकारी मिलती।’ इस फुटेज ने जांच को नई दिशा दी है, वरना मामला दब जाता।
रोहित ने बताया कि अजित पवार उड़ान के मामले में बहुत सतर्क थे। वे 66 साल के थे और आमतौर पर प्लेन से सफर करने से बचते थे। प्लान ये था कि वे कार से पुणे जाते और फिर बारामती। लेकिन वे देर हो गए और प्लेन से जाने का फ़ैसला किया। इस देरी पर बड़ा सवाल खड़ा किया गया है। रोहित ने सवाल उठाया कि अजित पवार मंत्रालय में क्यों रुके? उन्होंने कहा,
रोहित ने पायलटों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शुरू में दो पायलटों को प्लेन उड़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन सुबह अचानक पायलट सुमित कपूर को अकेले ये काम सौंपा गया। उन्होंने पूछा कि ये आखिरी मिनट का बदलाव क्यों हुआ?
इसके अलावा रोहित ने पायलटों के एक चैट ग्रुप की बात की। उन्होंने कहा कि कैप्टन सुमित कपूर हॉन्गकॉन्ग से आए थे और क्या वे शराब पीकर आए थे? रोहित ने चैट्स दिखाते हुए कहा, ‘पायलटों के व्हाट्सएप चैट में सुमित कपूर के खिलाफ कई मैसेज हैं… ग्रुप में उन्हें कई बार चेतावनी दी गई कि वे बहुत ज्यादा शराब पीते हैं।’
एटीसी यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने रनवे 29 पर लैंडिंग की हिदायत दी, लेकिन पायलट ने बार-बार रनवे 11 की मांग की। ये क्यों?
प्लेन का स्टॉल वार्निंग सिस्टम, जो एक महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर है, फ्लाइट के दौरान बंद था।
कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर यानी सीवीआर में लगभग कोई बातचीत नहीं रिकॉर्ड हुई; सिर्फ आखिरी शब्द ‘ओह शिट’ सुनाई दिए।
रोहित का कहना है कि ये सभी बातें साजिश की ओर इशारा करती हैं।
ये हादसा 28 जनवरी को हुआ था। अजित पवार मुंबई से बारामती जा रहे थे। प्लेन एक छोटा लियरजेट एक्सआर था। इसमें अजित पवार के अलावा एक पायलट, एक क्रू मेंबर और उनके सिक्योरिटी वाले थे। प्लेन सुबह 8:10 बजे मुंबई से उड़ा और आधे घंटे बाद बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। ये दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश थी। प्लेन में कुल पांच लोग थे, सभी की मौत हो गई।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे ज्यादा जोरदार तरीके से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की थी। हादसे के तुरंत बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ‘यह बहुत सदमे वाली खबर है। अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया। देश में लोगों की सुरक्षा नहीं बची है, राजनीतिक नेताओं की भी नहीं। मैंने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पढ़ा था कि अजित पवार बीजेपी छोड़कर वापस शरद पवार की एनसीपी में लौटने वाले थे। ऐसे में यह हादसा संदिग्ध लगता है।’
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि उन्हें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर ही भरोसा है। बाक़ी सभी एजेंसियाँ खरीदी जा चुकी हैं या समझौता कर चुकी हैं। जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि सच सामने आए।’
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘क्या अजित पवार के पास बीजेपी से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण फाइलें थीं? क्या हादसे में कोई फाउल प्ले है? फडणवीस जी क्यों कह रहे हैं कि मौत को पॉलिटिसाइज न करें? क्या वे घबराए हुए हैं? क्या वे जिम्मेदार हैं?’
हादसे के बाद सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने घोषणा की है कि वे सभी अनकंट्रोल्ड एयरस्ट्रिप्स की जांच करेगी। ये एयरस्ट्रिप्स वे हैं जहां ट्रैफिक कंट्रोल कम होता है।
ये दावा महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल मचा सकता है। एनसीपी के दो गुटों के बीच पहले से तनाव है और अब ये साजिश का आरोप मामला और गर्म कर सकता है। जांच एजेंसियां क्या कहती हैं, ये देखना बाकी है। लेकिन रोहित पवार का कहना है कि सच्चाई सामने आनी चाहिए।
