झारखंड में बोलना होगा जोहार। सरकार ने जारी किया आदेश।

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बीरेंद्र कुमार झा

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खतियान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा सभी को नमस्कार करने की जगह जोहार कहने की अनिवार्यता वाली अधिसूचना जारी कर दी है। अब राज्य सरकार के समारोहोंऔर किसी भी सरकारी कार्यक्रमो में अभिवादन के लिए नमस्कार कहने की जगह जोहार कहना अनिवार्य होगा। इस संबंध में राज्य सरकार के प्रधान सचिव अजय कुमार ने राज्य के सभी अवर मुख्य सचिव ,सभी प्रधान सचिव सभी प्रमंडलीयआयुक्तों,विभागाध्यक्षों और उपायुक्तों को पत्र भेजकर इसे लागू करने का निर्देश दिया है।

जोहार शब्द से करें संबोधन।

पत्र के माध्यम से सरकार के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह ने राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों और समारोहों में अभिवादन के लिए सभी नमस्कार की जगह जोहार कहें। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य की पहचान जनजातीय बहुल राज्य के रूप में होता है। यहां की संस्कृति में लोगों के द्वारा जो हाथ जोड़कर अभिवादन करने की परंपरा है जो इस राज्य की विशिष्ट और समृद्ध परंपरा को दर्शाता है।

गुलदस्ता और फूल की जगह पौधे लेकर करें स्वागत।

इसके साथ ही राजकीय कार्यक्रमों और सरकारी समारोहों में माननीय अतिथियों के स्वागत करने के लिए गुलदस्ता और फूल देने के चलन को बंद किया जाना चाहिए और इसकी जगह पौधे ,किताब या शॉल देकर अतिथियों का स्वागत करना शुरू किया जाना चाहिए।

मंत्री हेमंत सोरेन ने दिया जोहार से अभिवादन करने का निर्देश।

गौरतलब है कि अपने खतियान जोहार यात्रा के दौरान सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था अब झारखंड के लोगों को जोहार बोलना होगा होगा।यह शब्द झारखंड की परंपरा और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। इसे लेकर सभी पदाधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं ।

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