पाकिस्तान में शनिवार ( 27 जून 2026) को कराची शहर में आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 4 पाकिस्तानी रेंजर्स के जवानों की मौत हो गई।हमले को लेकर पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाए हैं, जिसको लेकर अब नई दिल्ली ने भी इस्लामाबाद को लताड़ लगाई है।
भारत ने रविवार ( 28 जून 2026) को पाकिस्तान की ओर से कराची में हुए आतंकवादी हमले का लिंक नई दिल्ली से जोड़ने वाले आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज किया और इन दावों को बेबुनियाद बताया।इसके साथ ही नई दिल्ली ने इस्लामाबाद से आग्रह किया की वह अपने देश से ऑपरेट हो रहे आतंकी ढांचे को खत्म करने पर ध्यान दे।
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने कराची में हुई हालिया घटना के संबंध में भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाने वाली पाकिस्तानी रिपोर्ट्स देखी हैं। हम उन्हें स्पष्ट रूप से खारिज करते हैं।MEA प्रवक्ता ने आगे कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बदले पाकिस्तान को अपने अंदर झांकना करना चाहिए। अपने क्षेत्र में मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए और स्टेट पॉलिसी के एक रिसोर्स के रूप में आतंकवाद पर निर्भर रहने की अपनी प्रवृत्ति से छुटकारा पाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के उस दावे के 1 दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कराची में सिंध रेंजर्स के एक कैंप पर हुए आतंकवादी हमले को नाकाम करने की बात कही थी।इस हमले में लगभग 90 मिनट तक फायरिंग हुई थी। वहीं घटना में 6 आतंकवादी मारे गए और 1 अन्य को गिरफ्तार किया गया।पाकिस्तानी ऑफिसर्स के मुताबिक, यह हमला शनिवार ( 28 जून 2026) को कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग हेडक्वार्टर में हुआ, जिसमें 4 रेंजर्स की मौत हुई।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सबसे पहले कैंप के मेन गेट पर बड़ा धमाका कर अंदर घुसने की कोशिश की। हालांकि, वहां तैनात पाकिस्तानी रेंजर्स के जवानों ने आतंकियों को कैंप के अंदर घुसने नहीं दिया। यह भी बताया जा रहा है कि पकड़ा गया कि आतंकी अफगानिस्तान का नागरिक का है।इस बड़े हमले के बाद सुरक्षा बलों की ओर से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई।वहीं बाकी आतंकियों की तलाश की जा रही है। इसके लिए सर्च ऑपरेशन चल रहा है।

