Leg Swelling Causes:पैरों या टखनों में सूजन आना कई लोगों के लिए एक आम समस्या है। लंबे समय तक खड़े रहने, लगातार बैठकर काम करने या ज्यादा पैदल चलने के बाद कई बार पैरों में हल्की सूजन दिखाई देती है, जो कुछ समय बाद अपने आप कम भी हो जाती है। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक नमक का सेवन, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या खड़े रहना और गर्भावस्था जैसी स्थितियों में भी पैरों में सूजन हो सकती है। हालांकि, यदि सूजन लगातार बनी रहे या उसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?
अगर पैरों की सूजन बार-बार हो रही है, एक पैर में अधिक दिखाई दे रही है या इसके साथ दर्द, लालिमा, भारीपन, सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द जैसे लक्षण भी हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच कराने से बीमारी का सही कारण पता चल सकता है और जरूरत पड़ने पर उपचार शुरू किया जा सकता है।
किन बीमारियों का संकेत हो सकती है पैरों की सूजन?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पैरों में लगातार सूजन कई गंभीर बीमारियों से जुड़ी हो सकती है।
1. हृदय संबंधी समस्याएं (Heart Failure)
यदि हृदय शरीर में रक्त को प्रभावी ढंग से पंप नहीं कर पाता, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसका असर सबसे पहले पैरों और टखनों में सूजन के रूप में दिखाई दे सकता है।
2. किडनी की बीमारी
जब किडनी अतिरिक्त पानी और नमक को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती, तब शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे पैरों में सूजन आ सकती है।
3. लिवर की बीमारी
लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर में प्रोटीन का स्तर कम हो सकता है और तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ने लगता है। इसके कारण भी पैरों में सूजन दिखाई दे सकती है।
4. नसों की कमजोरी (Venous Insufficiency)
यदि पैरों की नसें रक्त को सही तरीके से वापस हृदय तक नहीं पहुंचा पातीं, तो रक्त नीचे की ओर जमा होने लगता है, जिससे पैरों में सूजन, भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है।
5. खून का थक्का (Deep Vein Thrombosis – DVT)
अगर अचानक केवल एक पैर में सूजन, तेज दर्द या भारीपन महसूस हो, तो यह खून का थक्का बनने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉक्टर कौन-कौन सी जांच की सलाह दे सकते हैं?
बार-बार पैरों में सूजन होने पर डॉक्टर सबसे पहले मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, चल रही दवाओं और अन्य लक्षणों के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार निम्नलिखित जांचें कराई जा सकती हैं—
- ब्लड टेस्ट
- यूरिन टेस्ट
- किडनी फंक्शन टेस्ट
- लिवर फंक्शन टेस्ट
- ईसीजी (ECG)
- इकोकार्डियोग्राफी (Echo)
- पैरों की नसों का डॉप्लर या अल्ट्रासाउंड
कौन-सी जांच आवश्यक होगी, यह मरीज की स्थिति और संभावित कारणों पर निर्भर करता है। इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के स्वयं इलाज शुरू नहीं करना चाहिए।
पैरों की सूजन कम करने के आसान उपाय
यदि सूजन सामान्य कारणों से है, तो कुछ आसान उपाय राहत दे सकते हैं।
- पैरों को कुछ समय तक तकिए के सहारे ऊंचा रखें।
- लंबे समय तक लगातार बैठे या खड़े रहने से बचें।
- बीच-बीच में थोड़ी देर टहलते रहें।
- नमक का सेवन सीमित रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा या दर्द निवारक दवाएं न लें।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
यदि पैरों की सूजन लगातार बढ़ रही हो, बार-बार लौट रही हो या इसके साथ तेज दर्द, लालपन, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या अचानक एक पैर में सूजन दिखाई दे, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

