आखिर नीतीश कुमार ने पटना में क्यों कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में मेरे नाम का माला मत जपिए

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न्यूज डेस्क
दिल्ली से पटना लौटे नीतीश कुमार बेहद खुश थे । कल पटना में पार्टी कार्यालय पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत किया गया । फूलों को वर्षा भी को गई ।जयकारे भी लगाए गए ।हमारा प्रधानमंत्री कैसा हो ,नीतीश कुमार जैसा हो की ध्वनि नीतीश के कानो तक पहुंच रही थी । वे खुश भी हो रहे थे लेकिन उन्हें राजनीतिक खेल बिगड़ने का भी अंदेशा था । लोगों को उन्होंने संबोधित किया । मिलजुलकर रहने की सलाह दी और फिर एक होकर आगे बढ़ने की उन्होंने बात भी की । दिल्ली से मिले परिणाम से वे गदगद दिखे ।

बाद में उन्होंने समर्थकों से देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में उनका नाम लेने से बचने की अपील की। पार्टी मुख्यालय में जदयू कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इस तरह के नारे उनके द्वारा किए जा रहे काम को पटरी से उतार देंगे।

नीतीश कुमार ने कहा- मैं आप सभी से हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूं कि देश के प्रधानमंत्री के रूप में मेरा नाम जपने से बचें। मैं 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए देश में विपक्षी दलों को एकजुट करने पर काम कर रहा हूं। इस तरह का कृत्य हमारे उद्देश्य को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए कृपया मेरा नाम जपने से बचें।

बता दें कि मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया तब आई जब उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जद-यू के मुख्यालय में उनका भव्य स्वागत किया, उनके दिल्ली दौरे के बाद उन पर गुलाब की पंखुड़ियां फेंकी, जहां उन्होंने प्रमुख विपक्षी नेताओं राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अरविंद केजरीवाल, सीताराम येचुरी और डी राजा से मुलाकात की।

नीतीश कुमार ने बिहार की जनता से बीजेपी को वोट न देने की भी अपील की। उन्होंने कहा, भाजपा ने देश की जनता के लिए कुछ नहीं किया। हमने बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वह केवल विपक्षी दलों के नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने में विश्वास रखते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, उनका आम लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। अगर आप उन्हें वोट देंगे तो आप खुद को बर्बाद कर लेंगे और अगर आप उनके खिलाफ वोट करेंगे तो आपका राज्य और देश विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।

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