निर्मला सीतारमण बोलीं – ‘मुस्लिमों की जिंदगी मुश्किल होती तो आबादी नहीं बढ़ती’, ओवैसी ने दिया ये जवाब

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बीरेंद्र कुमार झा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिकी दौरे पर हैं। इस दौरान एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उनसे भारत में मुस्लिमों की स्थिति को लेकर सवाल किए गए, जिसके जवाब में सीतारमण ने कहा कि भारत में मुस्लिमों की स्थिति पाकिस्तान के मुस्लिमों की तुलना में बेहतर है। अगर भारत में मुस्लिमों की स्थिति बेहतर नहीं होती तो देश में उनकी आबादी लगातार बढ़ नहीं रही होती।

भारत में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और नकारात्मक पश्चिमी धारणाओं को लेकर पूछे गए सवाल में सीतारमण ने कहा कि दुनिया में मुस्लिमों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी भारत में है और यह आबादी लगातार बढ़ रही है। अगर भारत में मुस्लिमों ,की जिंदगी मुश्किल होती या फिर स्टेट की मदद से मुश्किल बनाई जा रही होती, जैसा कि कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है तो क्या भारत में मुस्लिमों की आबादी 1947 की तुलना में बढ़ रही होती?

‘पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी घट रही’

सीतारमण ने भारत के बारे में नकारात्मक पश्चिमी धारणाओं को लेकर कहा कि पाकिस्तान की स्थापना विभाजन के समय ही हुई।पाकिस्तान अलग राष्ट्र बना। उस समय पाकिस्तान ने अल्पसंख्यकों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हर अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी घट रही है. यहां तक कि मुस्लिमों के कुछ समुदाय भी गायब हो रहे हैं ,जबकि भारत में आप देखेंगे कि मुस्लिम तरक्की कर रहे हैं। वे कारोबार कर रहे हैं, उनके बच्चे अच्छी तालीम हासिल कर रहे हैं, सरकार की ओर से उन्हें फेलोशिप मिल रही हैं।

सीतारमण ने पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।भारत आए बिना नकारात्मक रिपोर्टें बना दी गईं’।

निर्मला सीतारमण ने भारत को लेकर कुछ विदेशी नकारात्मक रिपोर्ट्स पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग भारत आए तक नहीं, उनकी रिपोर्ट्स के आधार पर भारत के विरोध में एक धारणा बना दी गई।जिन लोगों ने
कभी भारत की जमीनी हकीकत नहीं देखी। उनकी ओर से बनाई गई धारणा सुनने के बजाए भारत आकर देखिए कि यहां क्या हो रहा है।

औवैसी का सीतारमण पर पलटवार

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने निर्मला सीतारमण के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वित्त मंत्री के लिए बेंचमार्क पाकिस्तान है।वित्त मंत्री के मुताबिक संघ परिवार के संविधान विरोधी विचारधारा के बावजूद भारत में मुस्लिमों ने तरक्की की है।

ओवैसी ने कहा कि मुस्लिमों को कब तक पाकिस्तान से जोड़ा जाता रहेगा? हम कोई बंधक या पाकिस्तान के मस्कट नहीं हैं। हम नागरिक हैं। हम भी हकदार हैं कि हमारे साथ सम्मान और न्याय पाने के हकदार हैं। जब एक हिंदू वर्ग सम्मान से जीने की मांग करता है तो आप क्या उन्हें चुप रहने को कहोगे?

उन्होंने कहा कि लोकसभा में बीजेपी का एक मुस्लिम सांसद नहीं है। इसे ज्यादा बुरा क्या होगा. लेकिन बीजेपी इसे सम्मान के साथ देखती है।

ओवैसी ने कहा कि आबादी डेमोग्राफिक कारकों के अनुरूप बढ़ती और घटती है ना कि सरकार की कृपा या दुर्भावना से। अगर मान भी लें कि इसमें सरकार की भूमिका है तो हर जनगणना में भारत में मुस्लिमों की आबादी में गिरावट देखी गई है।इसका क्या मतलब है? इसका यह मतलब है कि सरकार ईर्ष्यालु है।

उन्होंने कहा कि आबादी का घटना या बढ़ना किसी अल्पसंख्यक समुदाय के साथ व्यवहार का सही पैमाना नहीं है. आज भारत की नरसंहार धर्म संसदों को सरकार नजरअंदाज कर रही हैं। सत्तारूढ़ बीजेपी के सांसद मुस्लिमों के आर्थिक बहिष्कार का आह्वान करते हैं और लोगों से हथियार रखने को कहते हैं।अकेले महाराष्ट्र में मुस्लिमों के विरोध में 50 रैलियां हुईं। जब मुस्लिमों की लिंचिंग की जाती है तो सरकार उसे नजरअंदाज कर देती है।इसके बजाए मुस्लिमों की संपत्तियों पर बुलडोजर चला दिए जाते हैं या उन्हें झूठे आरोप में जेल में डाल दिया जाता है।

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