बीरेंद्र कुमार झा
उमेश पाल मर्डर केस में पुलिस लगातार छानबीन करने में जुटी हुई है। इसी बीच उमेश पाल केस में बीएसपी के कुछ नेताओं का नाम संदिग्ध रूप से सामने आ रहा है। क्या उमेशपाल केस में कोई कनेक्शन है’ इसे लेकर बसपा के कुछ नेता पुलिस जांच में रडार पर हैं। शुरुआती जांच में पता चल रहा कि उमेश पाल की हत्या से तीन महीने पहले एक बीएसपी नेता के साथ शाइस्ता परवीन ने पैसों की लेन देन की थी। रजिस्टर में इसका जिक्र है। अतीक अहमद के पुश्तैनी घर से रजिस्टर बरामद हुई है।
सामने आ रहा कि शूटआउट केस में गिरफ्तार अतीक अहमद के नौकर ने भी पैसों के लेनदेन से संबंधित जानकारी पुलिस को दी है। माफिया अतीक की पत्नी ने बीएसपी के एक कोआर्डिनेटर को पैसे दिए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिसंबर और जनवरी महीने में तीन बार में लाखों रुपए दिए गए थे।
रजिस्टर में जिक्र है कि बीएसपी कोऑर्डिनेटर के नाम पर पैसे दिए गए। कोऑर्डिनेटर ने पार्टी फंड में पैसे जमा कराने के साथ ही खुद अपने लिए भी पैसे लिए थे। बीएसपी के कुछ पदाधिकारियों को तकरीबन 15 लाख रुपए दिए थे। शाइस्ता परवीन ने पार्टी फंड में बड़ी रकम अलग से जमा की थी।
अतीक के घर पर बीएसपी नेताओं की हुई थी पार्टी
यह भी पता चल रहा है कि शाइस्ता परवीन को बीएसपी में शामिल कराने से पहले कई बार बीएसपी के पदाधिकारियों को अतीक के घर पर पार्टी दी गई थी। तकरीबन 4 से 5 मर्तबा घर पर पार्टी हुई थी। वह बीएसपी नेता कौन है यह पता तो नहीं चला है,लेकिन यह तय है कि प्रयागराज में कुछ बीएसपी नेता पुलिस जांच का सामना कर सकते हैं। मामले में और जानकारी जुटाने के लिए पुलिस बीएसपी पदाधिकारियों से लेनदेन के बारे में पूछताछ कर सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शाइस्ता ने आखिर हत्याकांड से पहले पैसे क्यों दिए थे’कहीं पैसों का शूटआउट केस से कोई लेना-देना तो नहीं है।
उमेशपाल मर्डर केस में शाइस्ता की तलाश तेज
उमेशपाल मर्डर केस मामले में शाइस्ता के घर पर छापेमारी की गई है। पुलिस प्रयागराज के ग्रामीण इलाकों में छापेमारी कर रही है। गांव-गांव जाकर पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही है जिससे की शाइस्ता परवीन को गिरफ्तार किया जा सके। जानकारी मिली है कि अतीक अहमद की पत्नी गांव-गांव जाकर शरण ले रही है ।

