बीरेंद्र कुमार झा
गुजरात के सूरत की निचली अदालत की ओर से गुरुवार को मानहानि के मुकदमे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाए जाने के बाद, उनकी लोकसभा की सदस्यता भी रद्द कर दी गई है। संसद की सदस्यता समाप्त होने के बाद अब उनके सामने आवास का भी एक नया संकट पैदा होने वाला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऊपरी अदालत यानी सेशन कोर्ट , हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिलती है तो वे बेघर हो जाएंगे क्योंकि उन्हें सरकारी बंगला खाली करना पड़ेगा।
दिल्ली के लुटियंस जोन में रहते हैं राहुल गांधी
2004 ईस्वी में अमेठी से लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद राहुल गांधी को 12 तुगलक लेन स्थित बंगला आवंटित किया गया था। राहुल गांधी इसी बंगले में रहा करते थे। सांसद के तौर पर अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब अगर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि मामले में ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिली तो 1 महीने के अंदर उन्हें दिल्ली के लुटियंस जोन स्थित अपने सरकारी बंगला खाली करना पड़ सकता है।
30 दिन के अंदर अपील की छूट
सूरत की निचली अदालत द्वारा राहुल गांधी को 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने और 2 साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद शुक्रवार को लोकसभा सचिवालय ने उन्हें सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया है। हालांकि सूरत की अदालत ने तत्काल जमानत देते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिन का समय दिया है।
प्रियंका गांधी को भी खाली कराओ करना पड़ा था बंगला
आवास और शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार चूंकि राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया है,इसलिए वे अब सरकारी आवास में रहने के हकदार नहीं हैं।सरकारी नियमों के अनुसार उन्हें अयोग्यता आदेश की तारीख से 1 महीने के भीतर अपना आधिकारिक बंगला खाली करना होगा।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को जुलाई 2020 में लोदी स्टेट स्थित अपना आधिकारिक बंगला खाली करना पड़ा था, क्योंकि सुरक्षा कम किए जाने के बाद वे उसके लिए पात्र नहीं थी।
कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि वह राहुल गांधी की दोष सिद्धि और अयोग्यता के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ेगी।अगर ऊपरी अदालत राहुल गांधी की दोष सिद्धि और सजा पर रोक नहीं लगा देती है तो अयोग्य ठहराए जाने के बाद से राहुल गांधी 8 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा यह भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिवस है। उसने कहा कि अब यह लड़ाई कानूनी और राजनीतिक दोनों तरीके से लड़ी जाएगी यह भी आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।

