पुलिस के लिए सिरदर्द बना अमृतपाल ,तैयार कर रहा आत्मघाती दस्ता !

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न्यूज़ डेस्क
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की तलाशी जारी है लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला नहीं है। पंजाब पुलिस ने दो दिन पहले कहा था कि अमृतपाल की गिरफ्तारी जालंधर के पास के इलाके में हो गई है लेकिन वह सब झूठ निकला। अब पंजाब पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती अमृतपाल की गिरफ्तारी तो है है पंजाब में जिस तरह का माहौल बनता जा रहा है अगर समय से पहले उसे नहीं रोका गया तो पंजाब फिर से सुलग सकता है। और ऐसा हुआ तो यह नासूर भी बन सकता है।

इधर, खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अमृतपाल सिंह हथियार जमा करने और युवाओं को आत्मघाती हमले के लिए तैयार कर रहा था। इसके लिए अमृतपाल सिंह एक धार्मिक स्थल और नशा मुक्ति केंद्रों का इस्तेमाल कर रहा था।

विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के साथ तैयार किए गए एक डोजियर में दावा है कि अमृतपाल सिंह, पिछले साल दुबई से कथित तौर पर पाकिस्तान के आईएसआई और विदेशों में रहने वाले खालिस्तान समर्थकों के इशारे पर भारत आया। दावा किया गया है कि यहां आने के बाद अमृतपाल सिंह युवाओं को ‘खाड़कू’ या मानव बम बनाने के लिए तैयार करने में मुख्य रूप से शामिल था। वह युवाओं का ब्रेनवॉश करने में लगा था।

पंजाब पुलिस लगातार अमृतपाल की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है। राज्य के इंटरनेट बंद कर दिए गए हैं। हर जिले में बड़े स्तर पर बैरिकेड्स लगाकर तलाशी अभियान जारी है और इससे लोगो को भी परेशानी हो रही है। तलाशी से परेशान आम लोग कई जगह पुलिस से लड़ते भी देखे गए हैं। इधर गृहमंत्रालय ने एक बैठक की है जिसमे अमृतपाल को पकड़ने के लिए कई योजनाए तैयार की है। कहा जा रहा है कि कई प्लान भी तैयार किये गए हैं लेकिन सच तो यही है कि अमृतपाल का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

अमृतपाल के कई सहयोगी गिरफ्तार हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को असम और दक्षिण भारत के जेलों में भेजा गया है। कहा जा रहा है कि वारिश दे पंजाब के अभी तक 112 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमे से 78 आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया जबकि 34 आरोपी रविवार  गिरफ्तार किये गए हैं। आज भी बड़े स्तर पर छापेमारी जारी है। इसी बीच यह भी खबर आयी है कि अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह और ड्राइवर हरप्रीत सिंह ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। बता दें कि अमृतपाल ने एक निजी सेना आनंदपुर खलास फ़ोर्स भी तैयार किया हुआ है जिसमे बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी है। गृहमंत्रालय इस सेना को किसी भी तरह से ख़त्म करना चाहता है। इसको लेकर कई प्लान भी तैयार किये गए हैं लेकिन अभी तक इसमें कोई सफलता नहीं मिली है।

अमृतपाल ने पिछले महीने अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला कर अपने साथियो को छुड़ाया था। तब भी काफी बवाल हुआ था। इसके बाद उसने कई तरह की बाते की थी। अब पुलिस ने अजनाला की तरह और भी घटना नहीं घटे इसके लिए बड़ी योजना की तैयारी की है। एक योजना तो यह है कि पकडे गए सभी आरोपियों को पूर्वोत्तर और दक्षिण में भेजा जाए ताकि वहाँ से कोई गतिविधियां नहीं चलाया जाए। पुलिस का कहना है कि चुकी ये सभी जिले पंजाब से दूर होंगी और यहां सिख आबादी भी कम है। लेकिन अभी सबसे बड़ी चुनौती अमृतपाल की गिरफ्तारी है। वह कहाँ छुपा है इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पायी है।

जानकारी मिली है कि अमृतपाल नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती होने वाले युवकों को बहला-फुसलाकर ‘बंदूक संस्कृति’ की तरफ धकेल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि मारे गए आतंकवादी दिलावर सिंह का रास्ता चुनने के लिए उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा था, दिलावर सिंह ने मानव बम के रूप में काम किया और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या कर दी थी।

अमृतपाल के घर व साथियों से बरामद हथियारों पर एकेएफ (आनंदपुर खालसा फोर्स) लिखा मिला है। साजिश के तहत धर्म के नाम पर नफरत फैलाकर पंजाब में माहौल बिगाड़ा जा रहा था। उसे विदेशी फंडिंग होने का भी शक है। जालंधर रेंज के डीआईजी स्वप्न शर्मा ने अमृतपाल के संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से होने की पुष्टि की है।

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