उपचुनाव में बराबरी पर रही बीजेपी और कांग्रेस

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न्यूज़ डेस्क
पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस कही नहीं रही। उसके ख़राब प्रदर्शन से पार्टी समर्थको को भी धक्का लगा होगा। त्रिपुरा में तो उसकी हालत पहले से ही ख़राब थी लेकिन मेघालय में कांग्रेस साफ़ हो जाएगी इसकी कल्पना भी नहीं की गई थी। वैसे पिछले चुनाव से पहले तक पूर्वोत्तर कांग्रेस का गढ़ था लेकिन 2018 के बाद वहाँ से कांग्रेस की जमीन खिसकती गई। अब साफ़ ही हो गई। भारत जोड़ो यात्रा से कांग्रेस को उम्मीद जगी थी ,उस उम्मीद को पूर्वोत्तर ने नकार दिया। ऐसा क्यों हुआ इस पर मंथन करेगी कांग्रेस। अभी भी बीजेपी के चुनावी राजनीति के सामने कांग्रेस टिक नहीं पा रही है। घूस ,ठगी और धनबल पर टिकी पूर्वोत्तर की अनैतिक राजनीति में फिलहाल कांग्रेस के लिए कोई जगह नहीं है। आगे क्या होगा कहा नहीं जा सकता।

लेकिन पांच राज्यों की छह विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा। महाराष्ट्र में उसने भाजपा की जीती एक सीट पर कब्जा किया तो पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा का खाता खुल गया। पिछले चुनाव में बंगाल में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी लेकिन एक सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस जीत गई है। कांग्रेस गठबंधन को एक झटका झारखंड में लगा, जहां कांग्रेस पिछली बार अपनी जीती हुई सीट भाजपा की सहयोगी आजसू से हार गई।

बहरहाल, सबसे चौंकाने वाला नतीजा महाराष्ट्र की कस्बा पेठ सीट पर आया, जहां 28 साल में पहली बार भाजपा हारी। कांग्रेस उम्मीदवार रवींद्र धंगेकर ने कस्बा पेठ उपचुनाव में जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार हेमंत रसाने को हार का सामना करना पड़ा। महागठबंधन की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार धंगेकर को 73 हजार से ज्यादा वोट मिले, जबकि भाजपा के हेमंत रसाने को 62 हजार वोट मिले। पिछले साल जून में राज्य सरकार बदलने के बाद विधानसभा की सीट के लिए पहली बार आमने सामने की टक्कर थी।

पश्चिम बंगाल की सागरदीघी सीट पर कांग्रेस के बेरॉन बिस्वास ने 22,986 वोटों से जीत दर्ज की है। तृणमूल के तीन बार के विधायक रहे सुब्रता साहा के निधन से यह सीट खाली हुई थी। तमिलनाडु की ईरोड सीट पर कांग्रेस के एलंगोवन 66,397 वोटों से जीते। उन्होंने अन्ना डीएमके के एस थेनारासु को हराया।

भाजपा को महाराष्ट्र की चिंचवाड़ सीट पर जीत मिली। उसके उम्मीदवार अश्विनी जगताप ने एनसीपी के विट्‌ठल उर्फ नाना काटे को हराया। झारखंड की रामगढ़ सीट पर भाजपा समर्थित आजसू उम्मीदवार सुनीता चौधरी ने कांग्रेस के बजरंग महतो को हराया। सुनीता ने 21,970 वोट से जीत दर्ज की है। कांग्रेस विधायक ममता देवी के अयोग्य ठहराए जाने पर यह सीट खाली हुई थी और कांग्रेस ने उनके पति बजरंग महतो को टिकट दिया था। भाजपा को एक सीट अरुणाचल प्रदेश में मिली है, जहां उसकी उम्मीदवार त्सेरिंग ल्हामू निर्विरोध विधायक चुनी गई हैं।

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