Bihar Groundwater Recharge Project: बिहार में गिरते भूजल स्तर को संभालने और भविष्य के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। राज्य के मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिलों में गहरे भूजल भंडार को फिर से भरने के लिए कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना को प्रदर्शनात्मक और प्रायोगिक आधार पर शुरू किया जाएगा।
इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए 6 नवंबर 2026 को केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, बिहार सरकार के लघु जल संसाधन विभाग और WAPCOS के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। पटना में आयोजित बैठक की अध्यक्षता लघु जल संसाधन विभाग के सचिव चन्द्रशेखर सिंह ने की।
इंजेक्शन वेल से गहरे जलभंडार तक पहुंचेगा पानी
परियोजना के तहत इंजेक्शन वेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए उपचारित सतही जल को जमीन के भीतर मौजूद गहरे जलभृतों (Deep Aquifers) तक पहुंचाया जाएगा। इससे भूजल का पुनर्भरण होने के साथ पेयजल की दीर्घकालिक उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड और राज्य स्तर पर किए गए अध्ययनों में उत्तरी बिहार के गहरे जलभृतों में जल उपलब्धता की अच्छी संभावनाएं सामने आई हैं। इसी आधार पर मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में यह प्रयोग शुरू करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता भी मजबूत हो सकती है।

निर्माण के बाद विभाग संभालेगा रखरखाव
समझौते के अनुसार, पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, पटना की ओर से WAPCOS के माध्यम से कराया जाएगा। काम पूरा होने के बाद इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी के लिए संरचनाएं बिहार के लघु जल संसाधन विभाग को सौंप दी जाएंगी।
हस्ताक्षर कार्यक्रम में केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड, WAPCOS और लघु जल संसाधन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस पहल को उत्तरी बिहार में भूजल संरक्षण और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

