Delhi SIR: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई नामचीन लोगों के रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, सांसद बांसुरी स्वराज और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। इनमें कुछ मामले पिछली SIR सूची से रिकॉर्ड मैच नहीं होने यानी ‘नो मैपिंग’ से जुड़े हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा दिवंगत अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय के मामले की है। 2024 में निधन के बावजूद उनका नाम दिल्ली कैंट की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया और रिकॉर्ड मैपिंग से जुड़ी विसंगति के आधार पर नोटिस जारी हुआ।
33 लाख से ज्यादा मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच
दिल्ली में करीब 33 लाख मतदाताओं को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस दिए जाने हैं। इनमें रिकॉर्ड मैपिंग की कमी और एन्यूमरेशन फॉर्म में अलग-अलग तरह की तार्किक विसंगतियां शामिल हैं। कई वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य प्रमुख लोगों के नाम भी इस प्रक्रिया में सामने आए हैं।
हालांकि, चुनाव अधिकारियों के मुताबिक नोटिस मिलने का अर्थ मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है। संबंधित व्यक्ति जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण देकर अपने रिकॉर्ड का सत्यापन करा सकते हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
इस पूरी प्रक्रिया के बीच SIR की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 33 लाख से अधिक नोटिस पाने वालों के नाम और नोटिस के कारण सार्वजनिक करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी पहुंची है, जिस पर 22 सितंबर को सुनवाई प्रस्तावित है।

