राहुल गांधी के मंच पर पीएम मोदी की मिमिक्री पर रार: BJP ने बताया- ‘चीप थिएटर

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मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई।राहुल गांधी के इस अंदाज पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे घटिया राजनीतिक प्रदर्शन बताया। वहीं कांग्रेस के साथ टीएमसी और आम आदमी के नेताओं ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए इसे अधिकार का हिस्सा बताया।
मामला उस समय चर्चा में आया जब राहुल गांधी छात्रों के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल के नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी की मिमिक्री को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नाम लेकर राजनीतिक मंच पर इस तरह का प्रदर्शन करना हैरान करने वाला है।गोयल ने इसे ‘सस्ता राजनीतिक थिएटर’ बताते हुए कहा कि राहुल गांधी को बार-बार प्रधानमंत्री का नाम लेकर राजनीतिक प्रदर्शन करने की जरूरत क्यों पड़ती है, यह समझ से परे है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी राहुल गांधी पर तंज कसा।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लिए स्टैंड-अप कॉमेडी एक विकल्प हो सकता है। फडणवीस ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि अगर राहुल गांधी स्टैंड-अप कॉमेडियन के तौर पर मिमिक्री करें तो उन्हें अच्छा रोजगार मिल सकता है। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा।

राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी नेताओं की आपत्ति सिर्फ प्रधानमंत्री की मिमिक्री तक सीमित नहीं रही।कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां को लेकर की गई टिप्पणियों का मजाक उड़ाया गया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने X पर लिखा कि प्रधानमंत्री की दिवंगत मां का मजाक उड़ाने के लिए छात्रों के साथ बातचीत के मंच का इस्तेमाल करना राजनीतिक और मानवीय संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करता है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस को घेरा।उन्होंने कहा कि मां को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। धामी ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी की मां से जुड़ी टिप्पणी पर मजाक करना उचित नहीं है।

बीजेपी के हमलों के बाद कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी का बचाव किया। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि राहुल गांधी ने केवल मिमिक्री की थी और इसे किसी दूसरे अर्थ में नहीं देखा जाना चाहिए।ANI से बातचीत में अल्वी ने कहा कि राहुल गांधी अकेले नहीं हंस रहे थे, बल्कि कार्यक्रम में मौजूद लोग भी हंस रहे थे। उन्होंने बीजेपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को लेकर की गई पुरानी टिप्पणियों की याद दिलाई। अल्वी ने सवाल उठाया कि अगर महिलाओं से जुड़ी किसी टिप्पणी को लेकर आपत्ति है तो उस समय महिलाओं की प्रतिक्रिया को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी को प्रधानमंत्री मोदी की सोनिया गांधी को लेकर की गई टिप्पणियों को भी याद रखना चाहिए। उनके मुताबिक, राहुल गांधी के कार्यक्रम में जो हुआ वह मिमिक्री थी और इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी राहुल गांधी का समर्थन किया।उन्होंने X पर लिखा कि यह घटिया हास्य या अपरिपक्व व्यवहार नहीं है। महुआ मोइत्रा ने इसे प्रधानमंत्री की खुलकर नकल करने और राजनीतिक व्यंग्य करने की लंबे समय से चली आ रही जरूरत से जोड़ा। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री का व्यंग्यात्मक तरीके से मजाक उड़ाना लोकतांत्रिक अधिकार का हिस्सा है। उनके बयान के बाद यह विवाद और राजनीतिक रंग लेता दिखाई दिया। एक तरफ बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के अपमान से जोड़ा, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे राजनीतिक अभिव्यक्ति और लोकतांत्रिक अधिकार का मामला बताया।

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी राहुल गांधी का बचाव करते हुए बीजेपी पर पलटवार किया।उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं ने पहले राहुल गांधी, उनके परिवार और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर कई टिप्पणियां की हैं।ANI से बातचीत में भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी को अब सम्मान और गरिमा की बात करने से पहले यह देखना चाहिए कि उसने दूसरे नेताओं के साथ किस तरह की राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया है।उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी सम्मान की बात करती है तो उसे दूसरों के प्रति भी उसी तरह का सम्मान दिखाना चाहिए।

इंदौर के कार्यक्रम में राहुल गांधी की मिमिक्री अब बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है।बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के अपमान और राजनीतिक मर्यादा से जोड़ा है। वहीं कांग्रेस, टीएमसी और AAP नेताओं ने इसे राजनीतिक व्यंग्य और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का हिस्सा बताया है।इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के नेताओं ने अपने-अपने तर्क सामने रखे हैं।बीजेपी ने राहुल गांधी के प्रदर्शन और प्रधानमंत्री की दिवंगत मां के संदर्भ को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि विपक्षी नेताओं ने बीजेपी पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है।फिलहाल राहुल गांधी की इंदौर में की गई मिमिक्री को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक बयानबाजी का नया मुद्दा बन गया है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के पुराने बयानों और राजनीतिक व्यवहार का हवाला देकर अपना पक्ष रख रहे हैं।

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