आदित्य ठाकरे,सूरज पंचोली,दिशा सालियान केस में पिता सतीश ने CBI को बताया घटनाक्रम

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मुंबई में दिवंगत दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शुक्रवार को सीबीआई के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को मामले से जुड़ी सभी बातें और जिन लोगों के नाम उनके सामने आए हैं, उनकी जानकारी दी है। बयान दर्ज होने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर नजरें जांच एजेंसी पर हैं।

सतीश सालियान ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में आदित्य ठाकरे, सूरज पांचोली, डिनो मोरिया और सुशांत सिंह राजपूत के बॉडीगार्ड समेत कई लोगों के नाम बताए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उनकी बातों को लिखित रूप में दर्ज किया और उन्हें बताया कि कुछ दिनों में इस पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।

बयान दर्ज कराने के बाद सतीश सालियान ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को वही बताया है जो तथ्य उनके सामने हैं। जब उनसे पूछा गया कि इतने लंबे समय तक उनकी बात नहीं सुनी गई और अब मामले में सुनवाई आगे बढ़ रही है, तो उन्होंने कहा कि सत्य कभी पराजित नहीं होता। उन्होंने कहा कि जिधर सत्य है, उधर भगवान खड़ा रहता है। सतीश सालियान ने उम्मीद जताई कि उनकी बेटी को न्याय मिलेगा।

दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह एफआईआर दर्ज करने और मामले की नए सिरे से सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने जांच की निगरानी के लिए वरिष्ठ सीबीआई अधिकारी की नियुक्ति की बात भी कही थी।

सीबीआई ने दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज हासिल करने के लिए पहले मालवणी पुलिस से संपर्क किया था। शुक्रवार को डीएसपी पूरन कुमार की देखरेख में सतीश सालियान का बयान दर्ज किया गया। हालांकि, सीबीआई ने इस घटनाक्रम पर अब तक आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने दावा किया कि दिशा सालियान और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले आपस में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक पहले सतीश सालियान का बयान दर्ज किया जाना और एफआईआर दर्ज करना जरूरी है।

इसके बाद जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ओझा ने दावा किया कि जांच से जुड़े पर्याप्त सबूत उनके पास हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ बातें अभी सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है।

निलेश ओझा ने दावा किया कि दिशा सालियान के पास आदित्य ठाकरे और उनसे जुड़े लोगों से संबंधित डिजिटल सबूत थे, जिन्हें उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत तक पहुंचाया था। वकील ने आगे दावा किया कि यह जानकारी रिया चक्रवर्ती तक भी पहुंची थी और इसी वजह से दिशा को कथित तौर पर खतरा महसूस हुआ।

निलेश ओझा ने दिशा की मौत को लेकर गैंगरेप, हत्या और कवर-अप जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि, ये आरोप वकील द्वारा किए गए दावे हैं और इनकी पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगी।

दिशा सालियान 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी में मृत मिली थीं। मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया था और किसी तरह की साजिश या आपराधिक गतिविधि नहीं मिलने की बात कही गई थी।

हालांकि, दिशा के पिता ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया और मामले की हत्या के तौर पर जांच की मांग की। अब हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई मामले की नए सिरे से जांच कर रही है।

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि एफआईआर में किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया जाना चाहिए। जांच के दौरान अगर किसी के खिलाफ पर्याप्त सामग्री सामने आती है, तभी उसके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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